नई दिल्ली
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष एवं सांसद बृजभूषण सिंह के मामले पर भाजपा नेतृत्व भी नजर रखे हुए है। खेल और राजनीति के इस मिले-जुले मामले में भाजपा इसकी आंच अपने ऊपर नहीं आना देना चाहती है। पूरे मामले को खेल मंत्रालय देख रहा है और वह विवाद का हल महासंघ के दायरे में ही निकालने की कोशिश कर रहा है। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर गुरुवार रात से बैठकों के कई दौर कर चुके हैं।
भाजपा इस मामले पर अभी तक खुलकर सामने नहीं आई है, लेकिन वह इसके सामाजिक व राजनीतिक पहलुओं को पूरी तरह से ध्यान में रखे हुए हैं। हालांकि, इस मामले पर वामपंथी दलों के बाद कांग्रेस ने भी बयान दिए हैं। बृजभूषण शरण सिंह पहले भी विवादों में रहे हैं, लेकिन इस बार खिलाड़ियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप गंभीर हैं। चूंकि, मामला अभी आरोपों तक ही सीमित है, इसलिए भी फूंक-फूंक कर कदम रखे जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा व सरकार की तरफ से यह कोशिश भी की गई थी कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बृजभूषण सिंह खुद ही डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दें। मगर, वह अपने ऊपर लगे आरोपों को लगातार खारिज कर रहे हैं और कई बार चुनौती देते हुए भी नजर आ रहे हैं। बृजभूषण भाजपा के अलावा सपा में भी रह चुके हैं। अयोध्या आंदोलन में भी वह सक्रिय रहे थे।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में वह खिलाड़ियों के साथ है और कानून के दायरे में इसकी जांच की जाएगी। अगर, आरोप लगाने वाले खिलाड़ियों की तरफ से कोई एफआईआर दर्ज कराई जाती है तो मामला नया मोड़ ले सकता है। इस पूरे मामले में अगर बृजभूषण की तरफ से भी कोई बात सामने आती है तो उसका भी संज्ञान लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस विवाद का असर अपनी छवि पर नहीं पड़ने देना चाहती है। ऐसे में वह जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगी। पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि किसी भी व्यक्ति से बड़ी पार्टी और पार्टी से बड़ा देश होता है।
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