वरुण गांधी की फ्यूचर पॉलिटिक्स क्या तय हो गई?

राजनीती

नई दिल्ली
यूपी के पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी काफी समय से अपनी ही पार्टी पर हमलावर हैं। बेरोजगारी, किसानों समेत विभिन्न मुद्दों पर आवाज उठाकर बीजेपी सरकार को घेरने वाले वरुण को अगले लोकसभा चुनाव में टिकट मिलने की संभावना काफी कम है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह किसी दूसरे दल का रुख कर सकते हैं। चचेरे भाई राहुल गांधी के बयान के बाद वरुण की कांग्रेस में जाने की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पिछले दिनों राहुल ने कहा था कि वरुण और उनकी विचारधारा अलग-अलग है। इसके बाद से ही सियासी गलियारे में चर्चा होने लगी कि वरुण किस दल में शामिल हो सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, वरुण गांधी के पास सपा में भी जाने का विकल्प खुला हुआ है। सबसे ज्यादा कयास भी सपा में जाने के ही लगाए जा रहे हैं। मालूम हो कि ऐसी ही अटकलें पिछले साल हुए यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान भी लगी थीं। कहा जा रहा था कि वरुण सपा का दामन थाम सकते हैं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। एक बार फिर से अब जब कयास लगने लगे हैं तो इसके पीछे एक ठोस वजह है। दरअसल, हाल ही में वरुण गांधी ने अखिलेश यादव की तारीफ की। मंच से वरुण ने कहा था, ''एक दिन मैंने सोचा कि वो कौन सा मानक है जिसके तहत किसान और आम आदमी आ सकते हैं।'' उन्होंने आगे कहा कि उस समय अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। मैंने उन्हें इस संबंध में एक पत्र लिखा। अखिलेश यादव ने बड़ा मन दिखाते हुए अधिकारियों को आदेश दिया कि इसमें राजनीति नहीं करते हुए मदद करिए।'' वरुण ने पिछले कुछ दिनों में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर अखिलेश यादव तक की प्रशंसा की है। इसी वजह से सियासी गलियारों में वरुण को लेकर माना जा रहा है कि वे बीजेपी के बजाए किसी दूसरे दल में जा सकते हैं।

राजनीतिक एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अब जब राहुल ने वरुण की एंट्री पर लगभग ब्रेक लगा दिया है तो वरुण सपा का रुख कर सकते हैं। सपा की राजनीति वरुण के लिए बिल्कुल मुफीद साबित होगी। दरअसल, वरुण गांधी यूपी की ही राजनीति करते हैं। वे सुल्तानपुर से सांसद रह चुके हैं, जबकि अभी पीलीभीत से सांसद हैं। सपा और आरएलडी के गठबंधन की वजह से पीलीभीत में वरुण को फायदा मिल सकता है। पीलीभीत में किसानों की संख्या काफी अधिक है और यदि वरुण सपा से भी चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो वे किसानों के वोट को बरकरार रख सकते हैं। किसान आंदोलन से लेकर लखीमपुर खीरी में हुए थार कांड के दौरान वरुण की पॉलिटिक्स किसानों के समर्थन में रही। साथ ही वे गन्ने के मूल्य से लेकर उसके भुगतान का मुद्दा उठाते रहे हैं।

वरुण के लिए पीछे नहीं हटेगी सपा, शिवपाल ने दिए संकेत
बीजेपी से नाराजगी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर वरुण गांधी की फ्यूचर पॉलिटिक्स क्या रहने वाली है। यदि बीजेपी से उन्हें टिकट नहीं मिलता है तो वह किस दल में शामिल होंगे। हाल ही में यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव से वरुण को लेकर सवाल किया गया। शिवपाल यादव ने कहा कि भ्रष्ट भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने वाले सभी लोगों का स्वागत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यूपी में केवल सपा ही ऐसा दल है, जो बीजेपी को हरा सकती है। शिवपाल के बयान के बाद से साफ हो गया है कि यदि वरुण भविष्य में सपा का रुख करते हैं तो पार्टी उन्हें स्वीकार करने में एक कदम भी पीछे नहीं हटेगी।   

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