इस्लामाबाद
दुनिया के कई बड़ी कंपनियों में छंटनी का दौर जारी है। अब यही दौर आर्थिक संकट से जूझते पाकिस्तान में भी आने वाला है। आशंका जताई जा रही है कि इस साल के अंत तक मुल्क में लाखों लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। खबर है कि फिलहाल पाकिस्तान सरकार इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी IMF का कर्ज के चलते मिनी बजट की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, व्यापारों के बंद होने की रफ्तार, अस्थाई रूप से बंद होते काम और उद्योगों में गिरते उत्पादन को देखते हुए 60 लाख से ज्यादा लोग या कुल वर्कफोर्स का 8.5 फीसदी इस साल बेरोजगार रह जाएंगे। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जो 2023 से पहले भी नौकरी हासिल नहीं कर सके थे। पाकिस्तान में हालात बेहद खराब हैं और जनता दवा और भोजन के लिए परेशानी का सामना कर रही है।
आर्थिक संकट फिर भी करोड़ों की कारें आयात
पाकिस्तान ने विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट के बीच बीते छह महीनों के दौरान 1.2 अरब डॉलर (259 अरब रुपये) महंगी कारों, अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके कलपुर्जों जैसी वस्तुओं के आयात पर खर्च किए हैं। एक रिपोर्ट में यह बताया गया है। देश भारी वित्तीय संकट से गुजर रहा है। उसका विदेशी विनिमय भंडार कम होकर चार अरब डॉलर रह गया है जिसकी वजह से केंद्रीय बैंक को आवश्यक वस्तुओं के आयात को भी कम करना पड़ा है।
रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष परिवहन वाहनों और अन्य वस्तुओं के आयात में कटौती करने के बावजूद अर्थव्यवस्था महंगी लग्जरी गाड़ियों और गैर जरूरी वस्तुओं की खरीद पर होने वाले खर्च की वजह से दबाव में है। इन छह महीने के दौरान पाकिस्तान ने 53.05 करोड़ डॉलर (118.2 अरब रुपये) में पूर्ण रूप से निर्मित इकाइयों (सीबीयू), अलग-अलग कलपुर्जों में लाए गए उत्पाद (सीकेडी/एसकेडी) की खरीद की। अकेले दिसंबर में ही परिवहन क्षेत्र के लिए 14.07 करोड़ डॉलर का आयात किया गया जिसमें 4.75 करोड़ डॉलर में कारों का आयात हुआ।
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