सागर
कलेक्टर से पंगा लेने वाली महिला अधिकारी पलक खरे एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार उनका सहजपुर ग्राम पंचायत के उपसरपंच से झगड़ा हो गया। पिछली बार उन्हें कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया था इस बार उन्होंने उप सरपंच के खिलाफ FIR दर्ज करा दी है।
मैं तो एसडीएम के आदेश का पालन करने गई थी: पलक खरे
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पलक खरे ने पुलिस थाना केसली में, अपनी शिकायत में लिखा है कि, एसडीएम ने सहजपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान, जो प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति द्वारा संचालित थी उसे मां नर्मदा महिला स्व सहायता समूह सहजपुर तहसील केसरी को आवंटित कर दिया था। सहकारी समिति से दुकान लेकर स्व सहायता समूह को सुपुर्द करने की कार्रवाई करने के लिए वह, सहजपुर विजिट पर थी।
उपसरपंच ने अभद्रता की और शासकीय कार्य में बाधा डाली
उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि, इसी प्रक्रिया के दौरान खुद को उपसरपंच बताने वाले अभिषेक तिवारी ने कहा कि आप दुकान का चार्ज दिलाने वाली होती कौन है? मैं यहां का उपसरपंच हूं। जैसी में कहूंगा और जिसे मैं चाहूंगा वही राशन वितरण करेगा। साथ ही उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि वे राशन दुकान का संचालन आवंटित संस्था से नहीं होने देंगे। मुझे धमकाते हुए बोले आप नौकरी करना भूल जाएंगी और देखता हूं कि आपको नौकरी कौन करने देता है? मेरे द्वारा ही राशन का वितरण किया जाएगा।
पलक खरे को कलेक्टर ने सस्पेंड किया था
26 अगस्त सन 2020 को सागर कलेक्टर ने पलक खरे को सस्पेंड कर दिया था। उन पर आरोप था कि वह कलेक्टर के बुलाने पर भी उपस्थित नहीं हुई। उनके अलावा श्री सुनील वर्मा, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी बण्डा, शाहगढ़ को भी सस्पेंड किया गया था। सुनील पर भी यही आरोप था कि कलेक्टर के बुलाने पर उपस्थित नहीं हुए। जिले के सभी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी उपस्थित हुए लेकिन यह दोनों अनुपस्थित थे। आज समाचार लिखे जाने पर, कलेक्टर कार्यालय से यह नहीं बताया गया कि इस मामले में क्या कार्रवाई हुई। आरोप गलत था या दोनों अधिकारियों ने माफी मांगी थी। यदि कलेक्टर कार्यालय की ओर से सूचना दी जाएगी तो यहीं पर अपडेट की जाएगी।
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