6 दिन बंद रहेंगे शराब के ‘ठेके’, जानें क्या है कारण

देश

  नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में 64 दिन में से 6 दिन शराब के ठेके बंद रहेंगे. दिल्ली सरकार के एक्साइज डिपार्टमेंट ने ड्राई डेज की लिस्ट जारी कर दी है. इसके मुताबिक, 26 जनवरी से 31 मार्च के बीच 6 दिन शराब के ठेके बंद रहेंगे. इस दौरान दुकानों पर शराब की बिक्री नहीं होगी.

दिल्ली सरकार के मुताबिक, गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), गुरु रविदास जयंती (5 फरवरी), स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती (15 फरवरी), महाशिवरात्रि (18 फरवरी), होली (8 मार्च) और राम नवमी (30 मार्च) के दिन शराब की बिक्री नहीं होगी.

इन छह दिनों में से पांच दिन तो शराब की बिक्री होटल-रेस्टोरेंट और बार में हो सकती है, लेकिन 26 जनवरी के दिन कहीं भी शराब नहीं परोसी जाएगी.

इतने सारे ड्राई डेज क्यों?

दिल्ली में सरकार हर तीन महीने में ड्राई डेज की लिस्ट जारी करती है. दिल्ली में पिछले साल 1 सितंबर से पुरानी एक्साइज पॉलिसी (2020-21) लागू हो गई थी.

पुरानी एक्साइज पॉलिसी के हिसाब से दिल्ली में सालभर में 21 दिन ड्राई डेज रहते हैं. जबकि, एक्साइज पॉलिसी (2021-22) में सिर्फ तीन ही ड्राई डेज रखे गए थे.

एक्साइज पॉलिसी 2021-22 में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गांधी जयंती (2 अक्टूबर) को ही ड्राई डेज रखा गया था.

ड्राई डेज में कहां मिल सकेगी शराब?

ड्राई डेज में दिल्ली में दुकानों पर शराब की बिक्री नहीं होगी. हालांकि, रेस्टोरेंट, बार, क्लब में शराब परोसी जा सकेगी.

हालांकि, दिल्ली सरकार के एक्साइज नियमों के मुताबिक 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को होटल, रेस्टोरेंट, बार या क्लब वगैरह में भी शराब नहीं परोसी जा सकती.

इन तीन दिनों को छोड़कर बाकी ड्राई डेज में होटल, होटल बार, रेस्टोरेंट, क्लब, सरकारी मेस, पार्टी या फंक्शन में शराब परोसी जा सकती है.

पुरानी एक्साइज पॉलिसी क्यों लागू हुई?

आम आदमी पार्टी की सरकार ने 17 नवंबर 2021 को एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू की थी. इसके तहत, शराब के कारोबार से सरकार पूरी तरह बाहर हो गई थी और पूरा जिम्मा निजी हाथों को सौंप दिया था.

पिछले साल मुख्य सचिव ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को रिपोर्ट सौंपी थी. इस रिपोर्ट में एक्साइज पॉलिसी में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था. इस रिपोर्ट में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया था.

मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल ने एक्साइज पॉलिसी में गड़बड़ी के आरोपों की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. जब विवाद बढ़ा तो एक्साइज पॉलिसी 2021-22 को रद्द कर दिया गया.

पिछले साल 1 सितंबर से एक्साइज पॉलिसी 2020-21 को लागू कर दिया गया था. ये पॉलिसी 6 महीने यानी फरवरी तक लागू रहेगी. इसके बाद या तो नई पॉलिसी आएगी या फिर इसे ही बढ़ाया जाएगा.

 

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