रायपुर
दिल्ली के इंडिया गेट की तरह ही छत्तीसगढ़ में 'अमर वाटिका' का निर्माण किया जा रहा है। यह अमर वाटिका बस्तर संभाग के जगदलपुर में बनाई जा रही है,जहां लगभग 60 फीट ऊंचा शहीद स्मारक बनाया गया है। शहीद स्मारक के निकट एक काले ग्रेनाइट की दीवार में माओवादी मुठभेड़ों में शहीद हुए 1200 से अधिक जवानों के नाम लिखे जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त निकट में ही संग्रहालय भी बनाया जा रहा है। जिसमें नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे जवानों के हथियारों उनके कामकाज के संबंध में जानकारी दी जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक जगदलपुर से रायपुर के मध्य नेशनल हाईवे-30 के पास आमागुड़ा नाम के स्थान पर अमर वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण में लगभग 40 लाख रुपए से ज्यादा की लागत आंकी जा रही हैं। गणतंत्र दिवस यानि 26 जनवरी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस अमर वाटिका में पहुंचेंगे और जवानों को श्रद्धांजलि देंगे।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक माओवादियों से विरूद्ध लड़ाई में शहीद हुए जवानों की स्मृति में बनाई गई बस्तर की [रथम और सबसे बड़ी अमर वाटिका है। अमर वाटिका के निकट उदयन का भी निर्माण किया जा रहा है। बस्तर संभाग के आईजी सुंदरराज पी ने जानकारी दी कि, बस्तर में शांति स्थापित करने का प्रयास जारी है। इस मिशन में लगे लबभग 1200 से अधिक जवानों ने अपना जीवन कुर्बान किया है। इन्ही शहीद जवानों की स्मृति में अमर वाटिका का निर्माण किया जा रहा है।
बस्तर आईजी ने बताया किआगामी दिनों में बस्तर में सकारात्मक काम किये जायेंगे। हमे नई पीढ़ी को इस बात की जानकारी देनी होगी कि बस्तर में शांति स्थापित करने कितने जवान शहीद हो चुके हैं।अमर वाटिका में तैयार किये जा रहे म्यूजियम से लोगों को शहीद जवानों और नक्सल मोर्चे के खिलाफ जारी जंग की जानकारी भी मिलेगी। गौरतलब है कि बस्तर समेत राज्य के अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जिला पुलिस बल के अतिरिक्त CRPF, STF, CAF, ITBP, कोबरा, रेलवे पुलिस, SSB के जवान तैनात हैं । छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व और बाद में बस्तर कई बड़ी नक्सल घटनाएं घाटी हैं,जिसमे इन जवानों को शहादत देनी पड़ी।
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