नई दिल्ली
भले ही ओला बिक्री में काफी तेज वृद्धि दर्ज की जा रही हो, लेकिन ओला स्कूटर के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में कई दिक्कतें सामने आ रही हैं। हाल ही में ओला S1 Pro से जुड़ी एक घटना में फ्रंट फोर्क सस्पेंशन टूट जाने पर राइडर को गंभीर चोटें आईं। मालिक ने दावा किया कि मैकेनिज्म खराबी के कारण यह हादसा हुआ है। जह यह हादसा हुआ तब हुई जब स्कूटर की स्पीड सिर्फ 35 किमी प्रति घंटा थी। हालांकि, ओला की प्रारंभिक जांच के अनुसार यह दावा किया गया है कि घटना वास्तव में एक हाई-इंपैक्ट रोड एक्सीडेंट में इंवॉल्व्ड थी। बता दें कि यह पहली बार नहीं था, इसके पहले भी कई अन्य ग्राहकों ने फ्रंट फोर्क्स के टूटने के मामलों की सूचना दी है। हालांकि, पहले के मामलों में कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई।
इस हादसे के बाद इस मामले पर ओला का आधिकारिक बयान आया। इस हादसे में राइडर को जानलेवा चोटें आई थीं और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया था। इस पर अपने आधिकारिक बयान में ओला ने कहा है कि उन्होंने दुर्घटना में शामिल राइडर के परिवार को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की है। ओला ने यह भी बताया है कि राइडर सेफ है और रिकवर हो रहा है। हालांकि, हादसे के कुछ दिन बाद स्कूटर मालिक ने ओला को उसके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है।
ओला ने स्कूटर टेस्टिंग पर क्या कहा?
घटना के बारे में बात करते हुए ओला का कहना है कि व्हीकल सेफ्टी और क्वालिटी स्टैंडर्ड उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। टॉप-स्पेक ओला S1 Pro इलेक्ट्रिक स्कूटर में सभी पहलुओं में उच्चतम गुणवत्ता मानक हैं। ओला ने कहा कि स्कूटर की टेस्टिंग चुनौतीपूर्ण इलाकों और सभी मौसम की स्थितियों में किया गया है। स्कूटर का 5 मिलियन किमी से ज्यादा का हार्डनेस टेस्टिंग की गई है। सड़कों पर ओला के 1.5 लाख से अधिक स्कूटर हैं और इनमें से कुछ में ही फ्रंट फोर्क की समस्या थी। ओला का कहना है कि फ्रंट फोर्क आर्म की टेस्टिंग लोड के साथ की गई है, जो आम स्कूटरों से 80% अधिक है।
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