लखनऊ
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बलरामपुर अस्पताल के कर्मचारियों ने गुरुवार को खून देने आए नकली डोनर को धर दबोचा। अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर वजीरगंज पुलिस ने आरोपी डोनर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। आरोपी डोनर ने दो हजार रुपये लेकर खून देने की बात कबूली है। उसने बताया कि वह पहले भी कई बार रुपये लेकर खून दे चुका है। पुलिस को संदेह है कि खून की दलाली और रुपये लेकर खून देने वाला गिरोह सक्रिय है। इस दिशा में भी पड़ताल कर रही है।
चौपटिया के खानपुर का रहने वाला अजय कश्यप गुरुवार बलरामपुर अस्पताल के ब्लड बैंक में डोनर बनकर आया था। शक होने पर युवक से मरीज की जानकारी मांगी गई गोलमोल जवाब देने लगा। कर्मचारी उसे पकड़ निदेशक, सीएमएस के पास ले गए। पूछताछ पर घबराकर पैसे लेकर खून देने की बात कबूल ली। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि डोनर पर संदेह होने पर पूछताछ में वह पकड़ में आया। उसे पुलिस को सौंप दिया गया है। एफआईआर के लिए तहरीर दी गई है।
पीजीआई ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के डॉ. प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि पेशेवर रक्तदाताओं का खून नुकसानदायक है। खून से एचआईवी एड्स, हेपेटाइटिस ए, बी व सी के साथ संक्रमण हो सकते हैं। ये शराब, गांजा, स्मैक ड्रग लेते हैं। आईसीयू में भर्ती दिमाग के रोगियों पर गहरा असर संभव है। सभी सामूहिक इंजेक्शन से नशा लेते हैं। दूसरों में एचआईवी, हेपेटाइटिस फैलाते हैं।
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