कुशीनगर
अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में राम-जानकी के विग्रह स्थापित करने के लिए नेपाल के काली नदी से लाई जा रही शालिग्राम शिला मंगलवार को उत्तर प्रदेश की कुशीनगर सीमा में प्रवेश करेगी। यहां भव्य स्वागत के साथ 11 आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिला का पूजन किया जाएगा। इसमें 11 पंडित शंखनाद एवं 11 घंट बजाएंगे। प्रशासन की ओर से शिला पूजन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। नेपाल में पाई जाने वाली शालीग्राम शिला से अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में प्रभु राम एवं मां जानकी के बाल विग्रह बनाकर स्थापित करने की योजना है।
यह शिला मंगलवार की सुबह 8 से 9 बजे के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर बहादुरपुर पुलिस चौकी से उप्र की सीमा में प्रवेश करेगी। सोमवार को डीएम रमेश रंजन व एसपी धवल जायसवाल ने टोल प्लाजा सलेमगढ़ पहुंचकर शिला के स्वागत की तैयारियों का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने तैयारियों को लेकर मातहतों को आवश्यक निर्देश दिए।
एसडीएम तमकुहीराज व्यास नारायण उमराव ने बताया कि शिला के उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने पर भव्य स्वागत एवं पूजा-अर्चना की जाएगी। टोल प्लाजा के पास श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। इसमें ग्यारह सौ कुर्सियां लगाई गईं हैं। वहीं, बनारस से आए ग्यारह आचार्य वैदिक मंत्रोच्चार कर पूजा करेंगे। उनके साथ 11 पंडित शंखनाद करेंगे और 11 घंट बजाएंगे। शिला की अगवानी में पुष्प वर्षा की जाएगी।
इसके लिए दो कुंतल पुष्प की व्यवस्था की गई है। वहीं, क्षेत्र के तमकुहीराज स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर के हरेराम-हरे कृष्ण सकीर्तन मंडली के अध्यक्ष मनोज राय समेत अनेक श्रद्धालु रामभक्त भी अपने स्तर से पूजन-अर्चन एवं प्रसाद वितरण करने की तैयारी में लगे हुए हैं। प्रसाद के लिए एक कुंतल लड्डू बनाए गए हैं।
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