श्रीनगर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को आम बजट पेश किया। आम बजट में इस बार सरकार ने हर वर्ग को खुश करने की कोशिश की है और किसी न किसी कुछ जरूर मिला है। विपक्ष के कई नेताओं ने जहां बजट की आलोचना की है वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने इसके लिए मोदी सरकार की सराहना की है। बजट में जम्मू-कश्मीर में 2 पनबिजली परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। केंद्र की ओर से मिलने वाले वार्षिक अनुदान में इस बार 876.98 करोड़ की बढ़ौतरी के साथ 35,581.44 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। वर्ष 2022-23 में यह आबंटन 34,704.46 करोड़ रुपए था।
जम्मू-कश्मीर को बजट में केंद्रीय सहायता
जम्मू-कश्मीर को आवंटित वार्षिक बजट में 33,923 करोड़ रुपए केंद्रीय सहायता है। अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर से अलग किए गए लद्दाख के वार्षिक बजट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लद्दाख को 5958 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है जो पिछले वित्त वर्ष के समान है। जम्मू-कश्मीर के लिए आवंटित बजट में आपदा प्रबंधन के तहत राशि को खर्च किया जाएगा, जिसमें 2014 की बाढ़ से हुए नुक्सान के बाद पुनर्वास, संरक्षण एवं पुनर्निर्माण शामिल है।
बजट में सबके लिए कुछ न कुछ: फारूक
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग को मदद दी गई है। उन्होंने बजट को सराहनीय बताते हुए कहा कि बटम में सबके लिए कुछ न कुछ दिया गया है। बेरोजगारी से निपटने का रोडमैप नहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि केंद्रीय बजट में बेरोजगारी, बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए कोई रोडमैप नहीं रखा गया।
जम्मू-कश्मीर के लिए कुछ खास नहीं: महबूबा मुफ्ती
PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि बजट में सिर्फ कुछ बड़े व्यापारियों का ध्यान रखा गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने पिछले वर्षों की तरह ही बजट प्रस्तुत किया है जबकि जम्मू-कश्मीर के लिए कुछ खास नहीं है। टैक्स को बढ़ाया गया परंतु उसे कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च नहीं किया जा रहा।
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