मुसलमान और इस्लाम पर बयान दे घिरे रामदेव, बाड़मेर में केस दर्ज; मुस्लिम धर्म के अपमान का आरोप

देश

नई दिल्ली 
योग गुरु रामदेव पर राजस्थान के बाड़मेर जिले में केस दर्ज हो गया है। योग गुरु पर मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में चौहटन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बता दें कि बीते 2 फरवरी को बाड़मेर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान रामदेव ने मुसलमानों और इस्लाम को लेकर एक बयान दिया था। रामदेव के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि रामदेव ने जानबूझकर मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए ऐसा बयान दिया है।

क्या कहा था स्वामी रामदेव ने..
2 फरवरी को बाड़मेर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए रामदेव ने एक बयान दिया था। स्वामी रामदेव ने कथित तौर से कहा था कि मुसलमान के लिए इस्लाम का मतलब है सिर्फ नमाज पढ़ो। फिर चाहे कुछ भी करो। चाहे आतंकवादी बनो, अपराधी बनो या हिंदुओं की लड़कियां उठाओ, कुछ भी करो लेकिन पांच बार नमाज जरूर पढ़ो।

ईसाइयों पर भी विवादित बयान
स्वामी रामदेव ने मुसलमानों के साथ ही ईसाई समुदाय पर भी विवादित बयान दिया था। रामदेव ने कहा था कि ईसाई दिन में चर्च जाकर मोमबत्ती जलाते हैं और समझते हैं की उनके सारे पाप धुल गए।

अब एफआइआर दर्ज
स्वामी रामदेव के इन बयानों के बाद से ही देशभर में उनके खिलाफ विरोध दर्ज करवाया जा रहा है। रविवार को बाड़मेर जिले के चौहटन थाने में रामदेव के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई।

वैमनस्य की भावना फैलाने का आरोप
पठाई खान, निवासी चौहटन ने रामदेव की खिलाफ दर्ज करवाई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया है की बाबा रामदेव द्वारा इस्लाम धर्म व उसके अनुयायियों व इस्लाम धर्म की आस्था में विश्वास रखने वाले व्यक्तियों को लेकर जानबूझकर ऐसा वक्तव्य दिया जिससे मुस्लिम धर्म के प्रति अन्य धर्मों या समुदायों में शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावना उत्पन्न हो । आरोप है की बाबा रामदेव द्वारा हजारों लोगों की उपस्थिति में इस प्रकार का बयान खुले आम देने से इस्लाम धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों की भावनाओं की ठोस पहुंची है।

मुस्लिम धर्म के अपमान का भी आरोप
प्राथमिकी में कहा गया है की बाबा रामदेव के बयान ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता बढ़ने और सौहार्द बिगाड़ने का कार्य किया है। इससे सद्भावना और आपसी भाईचारा भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुआ है तथा बाबा रामदेव द्वारा इस्लाम धर्म व उसके अनुयायियों व इस्लाम धर्म की पवित्रता के सम्बन्ध में ओछी टिप्पणियां करके मुस्लिम धर्म का अपमान किया है तथा मुस्लिम धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है। प्राथमिकी में यह भी आरोप है बाबा रामदेव ने पूर्व में भी कई प्रकार की ऐसी ही धार्मिक भावनाएं भडकाने वाली टिप्पणियां एवं बयान दिये गये है तथा यह आदतन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते रहते है। 

इन धाराओं में मामला दर्ज
बताया गया की बाबा रामदेव के खिलाफ चौहटन थाने में धारा 153-ए, 295-ए और 298 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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