बीआईसी बंगलों से बाहर होंगे 25 रिटायर्ड अफसर, 322 कब्जेदारों की पहचान

उत्तर प्रदेश राज्य

कानपुर
बीआईसी की सम्पत्तियों को खाली कराने के लिए कपड़ा मंत्रालय ने रिपोर्ट तलब कर ली है। इसमें बीआईसी की सम्पत्तियों पर 322 कब्जेदारों को चिह्नित किया गया है। अब इन सभी से जगह खाली कराई जाएगी। इन सम्पतियों पर 25 बीआईसी के रिटायर्ड अधिकारी भी काबिज हैं जिनसे अप्रैल में बकाया भुगतान कर खाली कराया जाएगा।

बीआईसी की 19 सम्पत्तियों को छोड़कर सभी में बाहरी और विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के कब्जे मिले हैं। आधे को पीपी एक्ट के तहत नोटिस भी दिया गया है। कपड़ा मत्रालय ने सभी से कब्जे खाली करा कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश प्रबंधन को दे दिए हैं। इस बीच बीआईसी के बकाए वेतन और रिटायरमेंट देय के लिए 102 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। धनराशि से मार्च 2022 तक का वेतन और रिटायर हो चुके अधिकारियों औरकर्मियों को देय का भुगतान किया जाएगा। भुगतान अप्रैल में देने के संकेत मंत्रालय ने दिए हैं। वहीं लाल इमली कर्मचारी संघ की बैठक में अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि सांसद का पैकेज के लिए आभार पर 10 महीने का वेतन रह जाएगा।

बीआईसी जनहित में जमीनों के प्रस्ताव रखेगा
कपड़ा मंत्रालय की मंशा पर बीआईसी ने जनहित के कार्यों के लिए शहर के प्रमुख इलाकों में मौजूद अपनी जमीनों का कुछ हिस्सा राज्य सरकार को देने के मसले संबंधी प्रस्ताव पर भी काम शुरू कर दिया है। बदले में इसके लिए बीआईसी सभी जमीनों को फ्री होल्ड करने का प्रस्ताव रखने का विकल्प तैयार करने पर मंथन शुरू कर दिया है। इस प्रक्रिया को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पूर्व आईपीएस से तीन बंगले खाली कराए
बीआईसी प्रबंधन ने डेढ़ महीने पहले पूर्व आईपीएस राघवेन्द्र अवस्थी से कोर्ट के आदेश के बाद मेकराबर्टगंज और वीआईपी रोड के तीन बंगले खाली करा लिए हैं। इसी कड़ी में खलासी लाइन में भी बंगले में चल रहा गेस्ट हाउस भी खाली करा कर कब्जा ले लिया है। इसलिए बीआईसी प्रबंधन ने कोर्ट का भी विकल्प खोल दिया है। बंगलों को खाली कराने के लिए ही अब बीआईसी ने शासन से भी मंत्रणा शुरू कर दी है।
 

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