भोपाल
टीकमगढ़ और सिंगरौली में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आवासीय भू- अधिकार योजना में घर बनाने के लिए भूमि देने के बाद राज्य सरकार अब नए सिरे से इसके लिए आवेदन मंगा रही है। इसके लिए राजस्व विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर भू-खण्ड आवंटन के लिए चरण बद्ध कार्यक्रम तय किए गए हैं। इसके लिए सभी कलेक्टरों और राजस्व अधिकारियों को समय सीमा में काम करने के लिए कहा गया है।
इसके लिए बनाई जाने वाली सूची 14 अप्रेल को अंबेडकर जयंती पर ग्राम सभा के अनुमोदन के बाद फाइनल की जाएगी। इसमें खासतौर पर इसके लिए ताकीद किया गया है कि कोई भी पट्टा आरसीएमएस पोर्टल में केस दर्ज करने के बाद सुनवाई के बगैर जारी नहीं किया जा सकेगा। राजस्व विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक मुख्यमंत्री आवासीय भू अधिकार योजना का लाभ प्राप्त करने से वंचित शेष लोगों से 10 मार्च तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इस अवधि तक प्राप्त आवेदन पत्रों की पटवारी व ग्राम सचिव द्वारा सारा एप पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद जांच दल की जांच रिपोर्ट तहसीलदार को भेजी जाएगी। ]
डेडलाइन की तैयार
तहसीलदार द्वारा आबादी भूमि अनुपलब्धता होने की दशा में प्रकरण के निराकरण की अंतिम तारीख 20 मार्च रखी गई है जबकि तहसीलदार द्वारा जांच प्रतिवेदन का परीक्षण एवं आरसीएमएस पर प्रकरण के पंजीयन की अंतिम तिथि 27 मार्च है। तहसीलदार द्वारा ईश्तहार का प्रकाशन 31 मार्च तक किया जाकर दावा – आपत्ति के निराकरण की कार्यवाही की जाएगी। तहसीलदार द्वारा आबादी घोषित कराने की अंतिम तिथि 10 अप्रैल है।
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