कलेक्टर गाइडलाइन में महज 100 लोकेशन में बढ़ी दरें प्रस्तावित

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार जमीनों की दरें बढ़ाने से बच रही है। यही कारण है कि इस बार राजधानी में शहरी क्षेत्र को पूरी तरह छोड़ दिया गया है। सिर्फ कुछ लोकेशन में बढ़ोत्तरी की गई हैं, यह वो लोकेशन हैं, जहां पूर्व में बढ़ोत्तरी नहीं की गई थी। ऐसे में प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन में शहरी क्षेत्र को नहीं छेड़ा जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन में महज 100 लोकेशन में बढ़ी दरें प्रस्तावित की गई हैं।

यह वो क्षेत्र हैं, जो नगर निगम सीमा से लगे ग्रामीण इलाके हैं। यहां बढ़ी दरों पर जमीनों की खरीद-फरोख्त हो रही हैं। इसी को आधार बनाते हुए 10 फीसदी दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके साथ ही 14 लोकेशन वो हैं, जहां 20 फीसदी तक दरें बढ़ाई जा सकती हैं।  अफसरों का तर्क है कि यहां दरें काफी कम हैं और खरीदी अधिक दरों पर हो रही है। बीते दिनों हुई उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में पंजीयन विभाग के अफसरों ने प्रस्ताव रखा गया था।

इलेक्शन इफेक्ट : शहरी क्षेत्र में कीमतें यथावत
शहर में कई क्षेत्र ऐसे हैं जिनमें जमीनों के रेट में अब सेचुरेशन की स्थिति में है। खरीद फरोख्त इनमें भी हुई, लेकिन कलेक्टर गाइडलाइन से थोड़े बहुत अंतर पर सौदे हुए हैं। क्योंकि पहले ही यहां काफी रेट हैं। ऐसे क्षेत्रों में एमपी नगर, सुभाष नगर, अशोका गार्डन, अरेरा कॉलोनी, लिंक रोड नंबर एक, नर्मदापुरम् रोड, कोलार, टीटी नगर, न्यू मार्केट, कोहेफिजा, वीआईपी रोड की प्रॉपर्टी व कई कमर्शियल प्रॉपर्टी भी शामिल हैं।

पहली बार बैरसिया में बढ़ेंगे दाम
कलेक्टर गाइडलाइन में पहली बार बैरसिया क्षेत्र की लोकेशन में बढ़ी दरें प्रस्तावित की गई हैं। इसमें लांबाखेड़ा से लगे गांव हैं। यहां पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण तो हो रहा है। साथ ही बड़ी संख्या में उद्योग भी लग रहे हैं। जिससे यहां खरीदी-बिक्री तेजी से बढ़ी है। इसमें अगरिया-छापर, पिपरिया जाहपीर, निपानिया, गोलखेड़ी, बीनापुर, दोपाडिया, खामखेड़ा, ईंटखेड़ी सहित अन्य में अधिकतम 10 फीसदी बढ़ी दरें प्रस्तावित की गई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में महंगे बिक रहे प्लॉट, रजिस्ट्री कम दर पर : चालू वित्तीय  वर्ष में शहर से लगे ग्रामीण इलाकों में बन रही अवैध कॉलोनियों में सबसे अधिक जमीनों की खरीद-फरोख्त हुई है। पंजीयन अफसरों की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ। गाइडलाइन कम होने के कारण इन क्षेत्रों में कम दरों पर रजिस्ट्री हो रही है, जबकि प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त अधिक दरों पर की जा रही है।

फंदा की इन लोकेशन पर बढ़ी दरें प्रस्तावित
 फंदा ब्लाक में आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ी दरें प्रस्तावित की गई हैं। इसमें बैरागढ़ कलां, सिकंदराबाद, नीलबड़, रातीबड़, नाथू बरखेड़ा, कलखेड़ा, नीलबड़, बेरखेड़ी बजायफ्ता, बेरखेड़ी, सेमरी, सुरैया नगर, देहरी कला में दस फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है।

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