नई दिल्ली
आने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश के बुनियादी ढांचे को मजबूती देना चाहती है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की सड़क को राजस्थान तक तैयार कर लिया गया है। जिसका रविवार को उद्घाटन किया जाएगा। 1,386 किलोमीटर की लंबाई के साथ यह एक्सप्रेस-वे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और वित्तीय राजधानी मुंबई के बीच संपर्क को बढ़ावा देगा। इससे ड्राइविंग का समय घटकर आधा हो जाएगा। हालांकि, ये प्रोजेक्ट्स कई सालों से चल रहा हैं, लेकिन इसे चुनाव से एक साल पहले अंतिम रूप दिया जा रहा है। इससे बीजेपी को फायदा पहुंचे और 2024 में अपनी पार्टी को जीत दिलाने के पीछे बीजेपी शासित सरकार की ये मंशा हो सकती है।
इसी साल राजस्थान में होने हैं चुनाव
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पांच राज्यों – दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ेगा। रविवार को राजस्थान चरण का उद्घाटन होना है। कांग्रेस शासित राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। कुछ लोग अगले साल होने वाले चुनाव से पहले इस प्रोजेक्ट में राजनीति देख रहे हैं।
1,400 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेस-वे
लगभग 1,400 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे में आठ लेन होंगे और यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। इसे 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग ने कहा, "अभी, हमारा 246 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से तैयार है। लगभग 180 किलोमीटर पर एक इंटरचेंज है, जो सीधे जयपुर जाता है। दौसा सेक्शन तैयार है। हम लगभग दो से ढाई घंटे में जयपुर पहुंच सकते हैं।"
इन सुविधाओं से होगा लैस
एक्सप्रेस-वे में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन, हेलीपैड, ट्रॉमा केयर सेंटर और ईवी के लिए डेडिकेटेड लेन जैसी सुविधाएं होंगी। सरकार का कहना है कि यह एशिया का पहला हाईवे है जहां एनिमल ओवरपास और वाइल्डलाइफ क्रॉसिंग हैं। सभी वाहनों के लिए एक्सप्रेस-वे पर टॉप स्पीड 120 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे ईंधन बचाने में मदद मिलेगी। अनुमानित बचत लगभग 300 मिलियन लीटर ईंधन और 800 मिलियन किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन हर साल है।
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