इस्लामाबाद
दिवालिया होने के कगार पर खड़ा पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास का आयोजन कर रहा है। एक्सरसाइज अमन-2023 नाम का यह नौसैनिक अभ्यास आज से कराची में शुरू हुआ है। इस अभ्यास का उद्घाटन समारोह कराची के पाकिस्तान नौसेना डॉकयार्ड में आयोजित किया गया। इस अभ्यास को पाकिस्तान के सम्मान के साथ जोड़ा जाता है। हालांकि, इसकी शुरुआत में ही पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती हो गई। पाकिस्तान ने एक्सरसाइज अमन-2023 में भाग लेने के लिए 110 देशों को न्योता भेजा था, लेकिन सिर्फ 7 देश ही अपने युद्धपोतों और पनडुब्बियों के साथ शामिल हुए हैं। 43 देशों ने इस अभ्यास में अपने प्रतिनिधियों को भेजा है।
किन देशों ने अभ्यास में लिया हिस्सा
इस चार दिवसीय नौसैनिक अभ्यास ने साबित किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की कितनी साख बची है। जिन देशों ने इस नौसैनिक अभ्यास में अपने जहाज भेजे हैं, उनमें अमेरिका, चीन, श्रीलंका, इंडोनेशिया, मलेशिया, इटली और जापान शामिल हैं। अमेरिका ने सिर्फ नाम करने के लिए अपने मरीन ब्रिगेड की एक टुकड़ी को भेजा है। वहीं, भारत के मालाबार युद्धाभ्यास में अमेरिकी नौसेना अपने परमाणु शक्ति संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर को पूरे बैटलफोर्स के साथ भेजती है। इसमें बड़ी संख्या में विध्वंसक जहाज, माइन स्वीपर जहाज, टैंकर और पनडुब्बियां शामिल होती हैं।
चीन ने छोटी टुकड़ी भेजी और तुर्की ने किया किनारा
संभावना थी कि पाकिस्तान के अमन -2023 अभ्यास में सबसे बड़ी भागीदारी चीन की होगी। चीनी नौसेना अपनी पनडुब्बियों के साथ इस अभ्यास में शामिल होगी, लेकिन इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है। तुर्की से भी युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों को भेजने की उम्मीद थी, लेकिन भूकंप के बाद ऐसा संभव नहीं हो सका है। ऐसे में अमन अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास में बाकी देशों की घटती भागीदारी पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख की गवाही देता है। पाकिस्तान भले ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है, लेकिन उसकी सेना इससे अछूती है।
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