नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि उसे जजों की नियुक्त को लेकर सरकार के रवैये पर चिंता है। कोर्ट ने कहा कि जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर को को लेकर जिस तरह का रुख केंद्र सरकार अपना रही है चिंता की वजह बन गया है। जस्टिस संजय किशन कौल, मनोज मिश्रा और अरविंद कुमार की बेंच ने अटॉर्नी जनरल के आर वेंकटरमनी के मौजूद ना होने की वजह से दो याचिकाओं पर सुनवाई 2 मार्च तक के लिए टाल दी
कोर्ट ने कहा, 'कुछ मामलों को लेकर चिंता है।' वहीं याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि केंद्र जजों के ट्रांसफर और नियुक्ति के मामले में भेदभाव करता है। इसकी चिंता हमें भी है। वहीं केंद्र की तरफ से पेश हुए वकील ने मांग रखी की अटॉर्नी जनरल के अनुपस्थित होने की वजह से इस मामले को अभी टाल दिया जाए।
ऐडवोकेट असोसिएशन बेंगलुरु ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी। याचिका में कहा गया था कि केंद्र कॉलेजियम द्वारा भेजे गए नामों को मंजूरी देने में अनावश्यक देरी करता है। प्रशांत भूषण के तर्क पर जस्टिस कौल ने कहा, यह मुद्दा पहले ही उठाया जा चुका है। मैं भी कुछ मुद्दों को लेकर चिंतित हूं। हालांकि मुद्दे कई हैं।
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