भोपाल
कार्यक्रमों के आयोजन एवं प्रबंधन, विशेष अवसरों पर प्रचार पर मनमर्जी से भारी भरकम खर्च कर रहे नौ सरकारी विभागों पर वित्त विभाग ने शिकंजा कस दिया है। अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। उन्हें इसके लिए सक्षम अधिकारी, वित्त विभाग से पहली बार के खर्च के लिए अनुमति लेना होगा।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में द्वितीय अनुपूरक अनुमान में विशेष अवसरों पर प्रचार एवं आयोजन प्रबंधन के लिए वित्त विभाग ने आवश्यक प्रावधान किया है। अब इन खर्चो के लिए वित्त विभाग ने नियम तय कर दिए है। इन विभागों को अब विभागीय कार्यक्रम के आयोजन, प्रबंधन के लिए होंने वाले खर्च और विशेष रुप से इनके लिए किए जा रहे प्रचार के लिए पहले अपने विभाग के सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना होगा। किसी कार्य विशेष के लिए, योजना विशेष के लिए पहली बार यह खर्च हो रहा है तो वित्त विभाग से भी इसकी अनुमति लेना जरुरी होगा।
ये विभाग सक्षम अधिकारी से अनुमति के बाद ही खर्च कर पाएंगे
कार्यक्रम आयोजन एवं प्रबंधन के लिए सामान्य प्रशासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, जनसंपर्क, जनतातीय कार्य, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग को अनुमति लेना होगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग, जनसंपर्क विभाग, जनजातीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा, महिला बाल विकास विभाग को विशेष अवसरों पर प्रचार के लिए वित्त विभाग से अनुमति लेना जरूरी होगा।
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