बेंगलुरु
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने आज विधानसभा में बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने रामनगर में भव्य राम मंदिर के निर्माण की घोषणा की है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले को आने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि यहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में वापसी के लिए चुनौतियों से जूझ रही है। हालांकि, बीजेपी को अपने चाणक्य यानी अमित शाह की रणनीतियों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने हाल के दिनों में कई दौरे किए हैं।
कर्नाटक में राम मंदिर परियोजना की जो सबसे बड़ी बात है, वह यह है कि इसकी अगुवाई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। यानी कि बीजेपी ने कर्नाटक के दंगल को जीतने के लिए बीजेपी ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। बीजेपी यहां ध्रुवीकरण के लिए हर प्रयास कर रही है। भगवा खेमे को हिजाब विवाद का लाभ भी मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले बोम्मई के मंत्री ने कहा था, 'जिस तरह उत्तर भारत के अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है, उसी तरह कर्नाटक में भी राम मंदिर का निर्माण होगा।' उन्होंने यह भी कहा था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर के लिए चिन्हित की जाने वाली भूमि का निरीक्षण करने के लिए कर्नाटक का दौरा करेंगे।
राम मंदिर निर्माण की घोषणा पर सियासी बयानबाजी होने की पूरी संभावना है। इससे पहले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा था, "मैं अपने दम पर एक मंदिर का निर्माण कर सकता हूं। यूपी के सीएम को कर्नाटक लाने की कोई आवश्यकता नहीं है। कर्नाटक उस हद तक दिवालिया नहीं है। मेरे पास अपने दम पर मंदिर बनाने की ताकत है। मैं शिलान्यास समारोह के लिए वोक्कालिगा समुदाय के धार्मिक प्रमुखों और सुत्तूर संत को भी ला सकता हूं।''
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