छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को तराशने किया जा रहे हैं, लगातार प्रयास: मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ रायपुर

राजनांदगांव

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को राजनांदगांव के अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में आयोजित 79वीं महंत राजा सर्वेश्वर दास स्मृति अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता 2022-23 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम राजनांदगांव में फ्लड लाईट और पवेलियन बनाने के लिए 2 करोड़ रूपए की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले राजनांदगांव में महंत राजा सर्वेश्वर दास अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता में देश भर से 20 टीमों ने हिस्सा लिया। उन्होंने सभी टीम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिता में टीम की जीत-हार से ज्यादा महत्वपूर्ण यह होता है कि टीम ने नया क्या सीखा। अपने खेल को निखारने के लिए क्या नया अर्जित किया। निश्चित रूप से सभी टीमों ने यहां ऐसा बहुत कुछ अर्जित किया होगा, जो उनके खेल को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1970 में राजनांदगांव की अखिल भारतीय प्रतियोगिता में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद भी अपने खेल का प्रदर्शन कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव एवं जशपुर ऐसा क्षेत्र है जहां हॉकी का वातावरण हमेशा बना रहता है। इन शहरों ने देश को कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। राजनांदगांव में एयरमेन बेस्टियन छत्तीसगढ़ के पहले ओलम्पियन हुए। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद राजनांदगांव की बेटी रेणुका यादव ने प्रथम महिला ओलम्पियन बनकर शहर को और छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि अधोसंरचना और सुविधाओं के विकास तथा खिलाडि?ों को प्रशिक्षण प्रोत्साहन देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2021 एवं 2022 में एथलीट अकादमी की शुरूआत हुई। वर्ष 2022 में बिलासपुर आवासीय अकादमी तथा एक्सीलेंस सेंटर तथा रायपुर में तीरंदाजी अकादमी का संचालन शुरू कर दिया गया है। वर्ष 2021 में शिवतराई बिलासपुर में तीरंदाजी उप केन्द्र, वर्ष 2022 में बिलासपुर में बालिका कबड्डी अकादमी, रायपुर आवासीय तीरंदाजी अकादमी, फुटबाल एवं गैर आवासीय एथलेटिक अकादमी की शुरूआत की गई। वर्ष 2019 के पहले हॉकी एवं तीरंदाजी की दो गैरआवासीय अकादमी थी। लेकिन यह अकादमी के रूप में न हो कर नियमित प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में संचालित हो रहा था। पिछले चार वर्षों में छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए शासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारे खिलाडि?ों के लिए अच्छे प्रशिक्षण की व्यवस्था और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने बढि?ा खेल अधोसंरचना के निर्माण के कार्य निरंतर किया जा रहा है।

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