तेगबहादुर चेरिटेबल हास्पिटल ट्रस्ट की नियुक्तियों में गड़बड़ी, कोर्ट जाएगा मामला

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर

इंदौर में चेरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से संचालित गुरु तेगबहादुर अस्पताल में हुई नियुक्तियों और वित्तीय हेराफेरी के मामले में अब ट्रस्ट के सदस्य जिला न्यायाधीश के यहां याचिका लगाकर कार्यवाही की मांग करेंगे। लोक न्यास पंजीयक मल्हारगंज को इस मामले में की गई शिकायत में ट्रस्ट में गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पंजीयक ने जिला न्यायाधीश के अधिकार क्षेत्र में आगे की कार्यवाही को उचित बताया है।

गुरु तेगबहादुर चेरिटेबल हास्पिटल ट्रस्ट नंदा नगर इंदौर के विरुद्ध पंजीयक लोक न्यास अनुभाग मल्हारगंज से कृपाल सिंह भाटिया ने शिकायत की थी कि यह सार्वजनिक और धर्मार्थ ट्रस्ट है। इसमें ट्रस्टी रघुवीर माखीजा ने नियमों का पालन किए बगैर अपने बेटे सतविंद सिंह माखीजा, मोहिंदर कौर, मनजीत सिंह, रविन्दर कौर को न्यासी बोर्ड का ट्रस्टी नियुक्त कर दिया है। उनके द्वारा ट्रस्ट डीड के नियमों का उल्लंघन करते हुए कोरम पूरा न होने के बाद भी ये नियुक्तियां की गई हैं। इसके साथ ही ट्रस्ट में वित्तीय हेराफेरी भी की गई है।

भाटिया का आरोप था कि इस मामले में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होेंने ऐसी स्थिति में ट्रस्ट के 1981 से अब तक दस्तावेजों को मंगाकर जांच करने के लिए कहा गया। इस मामले में ट्रस्टी माखीजा की ओर से गोलमोल जवाब दिया गया और सभी काम सही बताए गए। लोक न्यास अनुभाग मल्हारगंज के पंजीयक मुनीश सिंह सिकरवार ने इस मामले में जांच के बाद पाया है कि भाटिया के हस्ताक्षर फर्जी थे। इसकी जांच हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से कराई गई थी। इसके बाद ट्रस्ट में हुई हेराफेरी के मामले में कार्यवाही और अन्य जांच के लिए जिला न्यायाधीश के अधीन कार्यवाही कराने की बात कही है।

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