भोपाल
प्रदेश में नई आबकारी नीति में एक ओर कलेक्टरों को लोकहित में शराब दुकानें बंद करने के अधिकार दिए गए हैं तो दूसरी ओर कलेक्टरों के अधिकारों पर कैंची भी चलाने की व्यवस्था की गई है। अगर कोई कलेक्टर शराब दुकानों को लोकहित में बंद करने के लिए चिन्हित करता है तो ऐसी दुकान को नियमों के आधार पर विस्थापित किया जा सकेगा लेकिन आबकारी विभाग चाहे तो कलेक्टर द्वारा विस्थापित की गई दुकान को मंजूर करने से मना कर सकेगा।
आबकारी विभाग द्वारा जारी की गई वर्ष 2023-24 की आबकारी नीति में कहा गया है कि प्रदेश में अगर एमएसपी से कम और एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बेचने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध अगर पांच बार शिकायतें हुई और जांच में सही पाया गया तो आबकारी विभाग ऐसी शराब दुकानों का लाइसेंस निरस्त कर सकेगा।
वाइन महोत्सव के लिए दो दिन का आकेशनल लाइसेंस
नई आबकारी नीति में कहा गया है कि 15 अगस्त, 2 अक्टूबर, 26 जनवरी को पूरे प्रदेश में शराब की दुकानें बंद रखी जाएंगी। इसके अतिरिक्त हर जिले में कलेक्टर को यह अधिकार होगा कि किन्ही भी अतिरिक्त चार दिनों के लिए मदिरा दुकानें बंद करने के आदेश दे सकेंगे। नीति में कहा गया है कि वाइन महोत्सव के लिए साल भर में हर नगर निगम में अधिकतम दो दिन के लिए आॅकेशनल लाइसेंस दिया जा सकेगा जिसकी लाइसेंस फीस एक हजार रुपए रोज होगी।
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