नई दिल्ली
कांग्रेस के सीनियर नेता शशि थरूर ने अपनी पार्टी में विचाराधारा को लेकर पूरी तरह स्पष्ट होने की पैरवी की है। उन्होंने शनिवार को कहा कि कांग्रेस बिलकिस बानो, गिरजाघरों पर हमलों और गौरक्षा के नाम पर होने वाली हत्याओं जैसे विषयों पर और मुखर हो सकती थी। उन्होंने पार्टी के 85वें महाधिवेशन में यह टिप्पणी की। थरूर ने अधिवेशन में कहा, 'हमें समावेशी भारत के पक्ष में अपने वैचारिक रुख को लेकर पूरी तरह स्पष्ट होना होगा।' शशि थरूर का कहना था, 'अपने संकल्प को लेकर हमारे अंदर साहस होना चाहिए। हम बिलकिस बानो के मामले, गिरजाघरों पर हमले और गौरक्षा के नाम पर हत्याओं जैसे मामलों पर और अधिक मुखर हो सकते थे। अगर हम इन मुद्दों पर नहीं बोलते हैं तो हम भारत की विविधता और बहुलता के प्रति अपनी बुनियादी जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं।' उन्होंने कहा कि भारत सबका है।
चीन पर जयशंकर के बयान को लेकर उठाया सवाल
कांग्रेस नेता ने चीन के संदर्भ में विदेश मंत्री एस जयशंकर के एक बयान को लेकर उनकी आलोचना की। उन्होंने यह जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर संसद को विश्वास में लेना चाहिए। सीनियर लीडर थरूर ने आगे कहा, 'यहां हम एक संदेश देते हैं कि कांग्रेस जोड़ो। भारत का भविष्य तक तब उज्ज्वल रहेगा जब तक कांग्रेस लड़ाई लड़ती रहेगी। देश के लिए यह लड़ाई जारी रहनी चाहिए।'
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को कहा कि केवल उनकी पार्टी ही देश को सक्षम और निर्णायक नेतृत्व प्रदान कर सकती है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की पुरजोर वकालत की। खड़गे ने कहा कि उनकी पार्टी अगले लोकसभा चुनाव में जनविरोधी और अलोकतांत्रिक भाजपा सरकार से छुटकारा पाने के लिए ठोस विकल्प देना चाहती है। इस मकसद से पार्टी समान विचारधारा वाले दलों के साथ तालमेल करना चाहती है और इस लक्ष्य को हासिल करने के वास्ते कोई भी बलिदान करने को तैयार है।
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