नई दिल्ली.
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है कि गूगल ने पहली बार एक लॉजिकल क्वूबिट को स्केल करने का एक प्रायोगिक मील का पत्थर हासिल किया है। इसके तहत क्वूबिट्स की संख्या को बढ़ाकर एर्स को कम करना संभव हो सकता है। क्वांटम कंप्यूटिंग में, एक क्यूबिट क्वांटम सूचना की एक बुनियादी इकाई है।
पिचाई ने कहा, हमारी सफलता क्वांटम कंप्यूटरों को संचालित करने के तरीके में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है। हमारे क्वांटम प्रोसेसर पर एक-एक कर फिजिकल क्यूबिट्स पर काम करने के बजाय, हम उनमें से एक समूह को एक लॉजिकल क्यूबिट के रूप में मान रहे हैं।
नतीजतन, जर्नल नेचर में प्रकाशित शोध के मुताबिक, गूगल ने 49 फिजिकल क्विबिट्स से बनाई गई लोजिकल क्विबिट, 17 क्विबिट्स से बनाई गई क्विबिट्स से बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम थी। गूगल के क्वांटम कंप्यूटर एक ऑर्केस्ट्रेटेड फैशन में क्यूबिट्स में हेरफेर कर काम करते हैं जिसे वह क्वांटम एल्गोरिदम कहते हैं।
पिचाई ने समझाया, इसका महत्वपूर्ण परिणाम है, क्योंकि उपयोगी एप्लिकेशन्स को चलाने के लिए हम जानते हैं कि सबसे अच्छे क्वांटम एल्गोरिदम को हमारी आज की तुलना में बहुत कम होने की आवश्यकता है। इस अंतर को पाटने के लिए, हमें क्वांटम एरर सुधार की आवश्यकता होगी।
क्वांटम एरर करेक्शन एक लोजिकल क्यूबिट बनाने के लिए इसे कई फिजिकल क्यूबिट्स में एन्कोडिंग कर जानकारी की सुरक्षा करता है और माना जाता है कि उपयोगी गणनाओं के लिए एरर रेट्स के साथ बड़े पैमाने पर क्वांटम कंप्यूटर का उत्पादन करने का एकमात्र तरीका है।
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