नई दिल्ली
भारत G-20 ग्रुप की अध्यक्षता कर रहा है। जिसके तहत गुरुवार को नई दिल्ली में G-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। इसमें हिस्सा लेने के लिए बुधवार शाम अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन विशेष विमान ने इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर पहुंचे। वहां पर भारतीय अधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान भी भारत पहुंचे। इस बैठक से पहले ब्रिटेन ने रूस और यूक्रेन युद्धा का मुद्दा उठा दिया।
दरअसल ब्रिटेन के विदेश सचिव जेम्स क्लेवरली पहले ही भारत आ गए थे। उन्होंने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि आज हम भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहे हैं। रूस के यूक्रेन पर आक्रमण ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और दुनियाभर को सदमें में डाला। इसका सीधा प्रभाव खाद्य और ऊर्जा कीमतों आदि पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी के उन शब्दों को भी दोहराने जा रहा हूं जो सही थे, उन्होंने पुतिन से कहा था कि आज का युग युद्ध का युग नहीं है। व्लादिमीर पुतिन को उन शब्दों को सुनना चाहिए और उन शब्दों पर ध्यान देना चाहिए। अफसोस की बात है कि वो अभी तक ऐसा नहीं कर रहे हैं।
क्लेवरली ने आगे कहा कि ब्रिटेन और भारत दुनिया की छठी और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। मुझे लगता है कि हमें दुनिया की आर्थिक सुरक्षा और दुनिया की समृद्धि में योगदान देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। एफटीए हमारे दोनों देशों में व्यवसायों के लिए व्यावहारिक, वास्तविक दुनिया के लाभ प्रदान कर सकता है। ये पूरी दुनिया को एक मजबूत संकेत भी भेजेगा कि हमारे 2 महान देश एक-दूसरे के साथ और भी करीबी साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इन मुद्दों पर रहेगा जोर
आपको बता दें कि 2 मार्च यानी गुरुवार को होने वाली बैठक में पहला सत्र बहुपक्षवाद को मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा और विकास सहयोग जैसे बहुपक्षीय निकायों में सुधार की आवश्यकता पर केंद्रित होगा। इसके बाद दूसरे सत्र में आतंकवाद और उभरते खतरों आदि पर चर्चा होगी।
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