गोरखपुर
गोरखपुर के गुलरिहा स्थित सत्यम हॉस्पिटल में महिला की मौत के मामले में डॉ. सुनील सरोज को गिरफ्तार कर गोरखपुर पुलिस ने गुरुवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मूलरुप से प्रयागराज निवासी डॉ. सुनील दिल्ली के संतनगर बुराडी बाबा कालोनी में रहता था। वर्ष 2018 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान डॉक्टर की डिग्री चुराकर पैथोलाजी सेंटर का पंजीकरण कराने के आरोप में भी वह जेल जा चुका है। वहीं, जांच के दौरान सीएमओ ऑफिस में तैनात रहे दो डॉक्टरों का नाम भी सामने आया है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि सत्यम हॉस्पिटल का पंजीकरण कराने वाला डॉ. सुनील सरोज मूलरुप से प्रयागराज जिले के शिवकुटी (गोविन्दपुर) का निवासी है। गुलरिहा के भटहट स्थित सत्यम हॉस्पिटल का पंजीकरण कराने के बाद वह दिल्ली चला गया था। हॉस्पिटल में महिला की मौत होने के बाद उसके परिवारीजनों ने हॉस्पिटल संचालक, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर और सहयोगियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में पता चला कि 12वीं पास संचालक के बेटे ने महिला का ऑपरेशन किया था। पुलिस ने संचालक समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया है। फरार चल रहे डॉ. सुनील सरोज पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
दो और डॉक्टर पुलिस के रडार पर
एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस की जांच में पता चला कि कूटरचित दस्तावेज के जरिए सत्यम हॉस्पिटल का पंजीकरण कराने में सीएमओ कार्यालय के दो डॉक्टरों की शामिल थे। नाम सामने आने के बाद उनकी तलाश चल रही है। वर्तमान में दोनों डॉक्टर दूसरे जिले में तैनात हैं। एक ने हॉस्पिटल का सत्यापन किया था तो दूसरे ने लाइसेंस जारी किया था।
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