मेघालय
त्रिपुरा और नागालैंड विधानसभा में बीजेपी गठबंधन ने बाजी मार ली, लेकिन मेघालय में पेंच फंस गया था। वहां पर त्रिशंकु विधानसभा हुई और किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। इसके बाद लग रहा था कि वहां पर कई दिनों तक बहुमत हासिल करने का खेल चलेगा, लेकिन अब सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया है। बीजेपी से समर्थन मिलने के बाद नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेता कोनराड संगमा आज राज्यपाल से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। दरअसल नागालैंड की 60 में से 59 सीटों पर वोटिंग हुई थी। जिसमें बहुमत का आंकड़ा 30 है, लेकिन एनपीपी 26 सीटें ही जीती, जबकि यूनाइडेट डेमोक्रेटिक पार्टी के खातें में 11 सीटें गईं। वहीं बीजेपी को 2, कांग्रेस को 5 और टीएमसी को 5 सीट मिली है। इसके बाद से कोनराड संगमा बहुमत जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कही ये बात वहीं मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अर्नेस्ट मावरी ने कहा कि मुझे मेघालय में सरकार बनाने के लिए एनपीपी का समर्थन करने की सलाह दी गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का फोन आया। उसके बाद मैंने सीएम कॉनराड संगमा से बात की। रात को पार्टी ने संगमा को समर्थन पत्र भी सौंप दिया। जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात का वक्त मांगा।
त्रिपुरा, नागालैंड व मेघालय के चुनाव नतीजे: भाजपा-कांग्रेस के अलावा क्षेत्रीय दलों को क्या मिला? पिछले चुनाव में भी यही हुआ 2018 के विधानसभा चुनावों में भी किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, हालांकि चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस बनकर उभरी थी। उस वक्त कांग्रेस ने 21 सीटें जीती थीं, उसके बाद संगमा की पार्टी एनपीपी को 19 , बीजेपी और एचएसपीडीपी को दो-दो सीटें मिली थी। वहीं यूडीपी को 6 और पीडीएफ को 4 सीटें मिली थीं। हालांकि एनपीपी ने बीजेपी और अन्य के साथ गठबंधन कर सरकार बना ली थी।
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