बिलासपुर
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के निवृतमान चीफ जस्टिस एके गोस्वामी ने कहा कि जब मेरा आंध्रप्रदेश के चीफ जस्टिस से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर तबादला हुआ, उस वक्त मेरे साथी अधिवक्ताओं व ला अफसरों ने कहा था कि छत्तीसगढ़ अच्छी जगह है। यहां के लोग बहुत अच्छे हैं। मैं यह भरोसे के साथ कह सकता हूं कि छग आने से पहले जो मैंने सुना था, छत्तीसगढ़ को उससे ज्यादा अच्छा पाया हूं। यहां के लोग बहुत अच्छे हैं और संवेदनशील भी हैं। छग और छत्तीवगढ़वासियों के बारे में अच्छा अनुभव लेकर मैं विदा ले रहा हूं। परिस्थितियां चाहे जैसी भी हो, अपने काम के प्रति ईमानदार रहना चाहिए। यही सफलता का मूलमंत्र है।
चीफ जस्टिस गोस्वामी अपने सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में उपस्थित ला अफसरों, अधिवक्ताओं व स्टाफ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 11 साल के अपने चीफ जस्टिस के कार्यकाल में 10 हाई कोर्ट में पदस्थ रहे। वहां न्यायदान की प्रक्रिया में सहभागी रहे। असम में सात हाई कोर्ट के अलावा आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में सेवाएं दी। मुझे इस बात का संतोष है कि न्यायदान की प्रक्रिया में अपनी पूर्ण सहभागिता निभाई। चीफ जस्टिस ने कहा कि हर राज्य और स्थान का अपना अलग महत्व होता है। संस्कृति रहन सहन भी अलग होता है। हाई कोर्ट के कामकाज में भी स्थान और वहां की कार्यसंस्कृति का गहरा असर होता है।
चिकित्सक होने के बाद बावजूद पत्नी ने घर को संभाला
चीफ जस्टिस गोस्वामी ने अपनी पत्नी की तारीफ करते हुए कहा कि चिकित्सक होने के बाद भी उन्होंने अपने प्रोफेशन और घर के कामकाज के बीच बंटवारा नहीं किया। घर को अच्छी तरह संभाल कर रखने में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई। उनकी समझदारी और संबल के कारण ही मैं न्यायदान की प्रक्रिया में आगे बढ़कर काम कर पाया। मेरी प्रसिद्धी में पत्नी का सबसे बड़ा हाथ है।
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