डॉ. चंद्राकर ने स्वामी आत्मानंद तालाब को बचाने लोगों से की अपील

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर

स्वामी आत्मानंद तालाब चौबे कॉलोनी में स्थित है जिसमें कुछ लोगों के द्वारा निजी स्वार्थ के लिए मलबा डालकर पाटा जा रहा है जिसके विरोध में पर्यावरणविद डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर, चेयरमैन, ब्राउन विंग, ग्रीन आर्मी आफ रायपुर द्वारा रायपुर के समस्त जागरूक नागरिकों पर्यावरण संरक्षण में काम कर रहे समाजसेवियों से आह्वान किया कि तलाब हमारा धरोहर है, जल संरक्षण के लिए रायपुर के बचे हुए सभी तालाबों का संरक्षण करना हम सबकी जिम्मेदारी है। कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए तालाब में मलबा डालकर पाटने का घृणित कार्य कर रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चौबे कॉलोनी स्थित स्वामी आत्मानंद तालाब को पटने से बचाने के लिए ग्रीन आर्मी द्वारा एक व्यक्ति एक धमेला मलबा बाहर निकालने के उद्देश्य से एवं लोगों को तालाब बचाने के लिए मानव श्रृंखला बनाकर जागरूक कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में ग्रीन आर्मी के पर्यावरण पर काम करने वाले सभी योद्धा विशेष रूप से उपस्थित रहे। तलाब बचाने के इस मुहिम में उपस्थित जन को संबोधित करते हुए पर्यावरणविद डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर ने कहा कि धरती पर जीवन जीने के लिए तीन चीजों का होना बेहद आवश्यक है हवा, पानी और भोजन किसी एक का ना होना हमारे जीवन को खतरा पैदा कर सकता है इनमें से जल हमारे लिए अमृत के समान है जल है तो जीवन है जल प्राकृतिक संपत्ति है बिना जल के हमारे अस्तित्व के बारे में कल्पना करना भी हम नहीं सोच सकते।

डॉ. चंद्राकर ने कहा कि पानी की हर एक बूंद बूंद से हमारा अस्तित्व है पृथ्वी के सभी छोटे-बड़े जीवो और पेड़ पौधों को जीवन जीने के लिए पानी की आवश्यकता है। फसलों के उत्पादन और बिजली उत्पन्न करने की क्रिया में भी पानी मुख्य घटक है इसलिए पानी को बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है, जल की कमी का सीधा असर कुदरत के संतुलन पर पड़ता है। जल हमारे जीवन का एक आधार स्तंभ है अगर हमें अपना भविष्य सुंदर बनाना है तो जल संरक्षण अपनाना पड़ेगा।

तालाब संरक्षण के लिए आवाज उठाने वालों में मुख्य रूप से ग्रीन आर्मी के संस्थापक अमिताभ दुबे, मोहन वल्यार्नी, अमर बंसल पार्षद, रात्रि लहरी, आशीष शर्मा, विनीत शर्मा, शशिकांत यादु, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी राजीव श्रीवास्तव, सुबोध शर्मा,डॉ. गोपा शर्मा, सुषमा सामन्त, नवीन चावड़ा, एडवोकेट स्मिता देशपांडे, सुनील धुप्पड़, हितेश दीवान डॉ मनोज ठाकुर आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे एवं तालाब बचाने एक समिति का गठन किया। और सभी लोगों ने शपथ लिया कि जब तक तलाब पाटने का अवैध कार्य बंद नहीं करेंगे तब तक हमारा यह संघर्ष जारी रहेगा।

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