जांजगीर-चांपा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने अंतर्राज्यीय मोबाइल चोर गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा है। इनके पास से 31 महंगे मोबाइल भी बरामद किया गया है। गिरोह झारखंड का है, जिन्होंने जांजगीर-चांपा में किराये पर मकान लिया है। गिरोह के सदस्य जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, रायपुर सहित बड़े शहरों में घूम-घूमकर मोबाइल चोरी करते हैं, जिन्हें 1200 से चार हजार 500 रुपए कमीशन में खपाते हैं। गिरोह के एक सदस्य को आरक्षक ने मोबाइल चोरी करते पकड़ा, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
मामले का खुलासा करते हुए एएसपी राजेन्द्र जायसवाल व टीआई परिवेश तिवारी ने बताया कि सिविल लाइन पुलिस की टीम वृहस्पति बाजार के आसपास बाइक चोर गिरोह पर नजर रख रही थी। इसी दौरान एक युवक ने खरीदारी करने आए एक व्यक्ति का मोबाइल निकाल रहा था, जिसे आरक्षक विकास यादव ने इसे देख लिया। इसके बाद आरक्षक ने अन्य स्टाफ को मौके पर बुलाया और घेराबंदी करके एक नाबालिग लड़के और उसके दो साथियों को पकड़ा लिया।
इनके पास से पांच मोबाइल मिले। फिर उन्हें थाने ले जाकर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसके बाद पता चला कि गिरोह ने जांजगीर-चांपा में मकान किराए पर लिया है। उनके कमरे और गोदाम की तलाशी लेने पर पुलिस ने 26 मोबाइल और बरामद किया। आरोपियों की पहचान झारखंड के साहेबगंज निवासी शेख मुल्करार पिता शेख मकसूद (22), झारखंड के साहेबगंज स्थित मोतीजहार, तेलझरी निवासी शेख बादल पिता शेख सेमुल (22) के रूप में हुई। आरोपियों में तीसरा नाबालिग है। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर 31 मोबाइल जब्त किया है। इस कार्रवाई में आरक्षक विकास यादव के साथ ही आरक्षक देवेन्द्र दुबे, राजेश नारंग, केशव मार्को, अजय साहू सहित शामिल रहे।
सामने पॉकेट में मोबाइल रखने वाले को बनाते हैं निशाना
यह गिरोह सब्जी मार्केट और सार्वजनिक जगहों पर ही एक्टिव रहता है। ये लोग सिर्फ उन्हें ही निशाना बनाते जो शर्ट के सामने की पॉकेट में मोबाइल रखते हैं। पलक झपकते ही नाबालिग मोबाइल पार करता और तुरंत ही अपने दूसरे साथी को दे देता है। इसके बाद दूसरा साथी तत्काल तीसरे मोबाइल थमा देता है। इससे पकड़े जाने के बाद भी उनके पास मोबाइल नहीं मिलता है।
किराए का मकान और गोदाम बनाया, स्थानीय क्षेत्र में नहीं करते थे चोरी
टीआई परिवेश तिवारी ने बताया कि, पकड़े गए आरोपी चाम्पा में किराए में एक कमरा लिया है, जहां से कुछ मोबाइल मिले हैं। इसके साथ ही मकान से करीब 8 सौ मीटर की दूरी पर एक गोदाम भी किराए पर लिया हुआ है, जहां पर भी उन लोगों ने चोरी के कई मोबाइल जमा कर रखे थे। आरोपी जिस जगह रूम लेते हैं वहां चोरी नहीं करते। वे लोग बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग में जाकर चोरी की घटना को अंजाम देते थे।
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