अडानी और सिलिकॉन ने लताड़ा, बाजार की तबाही में 7.33 लाख करोड़ हुए साफ

बिज़नेस

मुंबई

Share Market के लिए ये साल अबतक शुभ नहीं दिख रहा है. पहले 24 जनवरी को हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद बाजार में करीब 2 महीने से गिरावट का माहौल चल रहा था. अब जैसे ही मार्केट ने उठने की कोशिश की तो सिलिकॉन का कोहराम हावी होने लगा गया. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर मार्केट में भारी तबाही देखने को मिली है. सेसेंक्स में 1000 अंकों से की भारी गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि बाजार बंद होने के समय थोड़ी रिकवरी होने के बाद सेंसेक्स 898 अंक गिरकरऔर निफ्टी 258 अंको की गिरावट के साथ 17154 अंक पर बंद हुआ.

जब भारतीय शेयर बाजार अडानी क्राइसिस से उबरने की कोशिश कर रहा था, तब अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) की विफलता एक बड़े झटके रूप में सामने आई है. सिलिकॉन वैली बैंक के बाद अब सिग्नेचर बैंक पर ताला लगने की बात सामने आई है. जिसकी वजह से मात्र तीन दिनों में शेयर बाजार निवेशकों के 7.33 लाख करोड़ रुपये डूब गए.

2100 अंक से ज्यादा टूटा सेसेक्स

3 दिन में बीएसई का सेंसेक्स लगभग 2,100 अंक से ज्यादा गिर गया है. एसवीबी क्राइसिस का ग्लोबल इक्विटी मार्केट पर असर देखने को मिल रहा है. अगर बात आज ही की बात करें तो दिन के हाई से शेयर बाजार में करीब 1300 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. दिन के दौरान बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है।

निफ्टी में भी भारी गिरावट

वहीं दूसरी ओर निफ्टी में 288.70 अंकों की गिरावट देखने को मिल रही है और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 17,122.20 अंकों पर कारोबार कर रहा है. वहीं दूसरी ओर बांबे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स मौजूदा समय में 1010.22 अंकों की गिरावट के साथ 58,152.64 अंकों पर कारोबार कर रहा है.

इन कारणों से शेयर बाजार में आई गिरावट

    एसवीबी क्राइसिस : एसवीबी और सिग्नेचर बैंक के फेल होने के कारण मार्केट सेंटिमेंट खराब हो चुका है. जिसकी वजह से अमेरिकी रेगूलेटर्स की ओर से कार्रवाई करनी शुरू कर दी है. इस बैंकिंग फेल्योर का असर पूरी दुनिया के साथ भारतीय बाजारों में देखने को मिल रहा है.वैसे एचएसबीसी ने एसवीबी के यूके ब्रांच को 99 रुपये यानी 1 पाउंड में एक्वायर करने की बात कही है.

    ग्लोबल मार्केट : एशियाई बाजारों में भी लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. सभी वॉल स्ट्रीट के इशारों पर कारोबार करते हुए दिखाई दे रहे हैं. पिछले हफ्ते, डॉव जोंस 4.4%, एसएंडपी 500 4.5% और नैस्डैक 4.7% गिरा. जापान का निक्केई 1.1% की गिरावट के साथ बंद हुआ जबकि ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.5% की गिरावट के साथ बंद हुआ. ब्रिटेन का FTSE 100 दो महीने के निचले स्तर पर गिरकर 2.4% टूट गया.

    बैंक शेयरों में बिकवाली : बैंकों के शेयरों में ग्लोबल गिरावट के बाद, निफ्टी बैंक आज 2.3% टूट गया. इंडसइंड बैंक 7% से अधिक गिर गया. पीएसयू बैंक के शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट आई. शेयरखान के अनुसार, भारतीय बैंकिंग सिस्टम को यह कम प्रभावति करेगा. यह एक कंपनी स्पेसिफिक इश्यू है और कुछ स्टार्ट अप, वेंचर कैपिटल और कुछ बैंकों को प्रभावित कर सकता है और निकट अवधि में भी निवेशकों और बैंकिंग ग्राहकों में घबराहट पैदा कर सकता है.

    फेड का डर : हालांकि एसवीबी संकट के मद्देनजर 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी की संभावना कम हो गई है, लेकिन निवेशक फरवरी के सीपीआई और फरवरी के प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पर नजर गड़ाए हुए हैं. विश्लेषकों ने कहा कि अगर वे उम्मीद से ज्यादा रहते हैं तो 50 आधार अंकों या उससे ज्यादा की बढ़ोतरी की उम्मीद की जा सकती है.

 

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