भोपाल
प्रदेश में डेढ़ करोड़ महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ दिलाने की सरकार की तैयारियों के बीच महिला और बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों और सुपरवाइजरों ने बुधवार से सामूहिक अवकाश पर जाने का अल्टीमेटम दे दिया है। ये तीस साल पुरानी मांग पर सरकार द्वारा कार्यवाही नहीं किए जाने से नाराज हैं। इन्हें पिछले साल हड़ताल पर जाने पर सरकार ने कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया था लेकिन कोई पहल नहीं की गई।
इसके लिए बनाए गए संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा मुख्यमंत्री, मंत्री और विभाग के प्रमुख सचिव समेत अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया और वेतन विसंगति, ग्रेड पे, टाइम स्केल, पदोन्नति, संविदा पर्यवेक्षकों के नियमितिकरण, विकास खंड महिला सशक्तिकरण अधिकारी का पदनाम बदलकर परियोजना अधिकारी किए जाने समेत अन्य मांगों पर कार्यवाही करने के लिए कहा गया। मोर्चा ने कहा है कि सामूहिक अवकाश पर जाने की सूचना विभाग के प्रमुख सचिव, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी है। इनके द्वारा पिछले साल भी 21 मार्च से 25 मार्च के बीच सामूहिक अवकाश लिया गया था और मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलन रोका गया था।
अब इस साल अनिश्चितकालीन आंदोलन किए जाने की तैयारी है। प्रदेश में करीब एक लाख सुपरवाईजर और परियोजना अधिकारियों के हड़ताल पर जाने से विभाग के कामकाज पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने विभाग से संबंधित लाड़ली बहना योजना के लिए 25 मार्च से फार्म भराने की तैयारी शुरू की है और यह काम तीस अप्रेल तक चलेगा। इसके बाद एक माह तक फार्म की स्क्रूटनी होगी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

