आदिवासियों अत्याचार के मामले में सरकार को घेरते हुए कांग्रेसी गर्भगृह तक पहुंचे

राजनीती

भोपाल

प्रदेश में आदिवासी युवतियों और लड़कियों पर अत्याचार के मामले में सरकार को घेरते हुए कांग्रेस के आधा दर्जन विधायक मंगलवार को सदन में चर्चा के दौरान गर्भगृह तक पहुंच गए। विधायक कांतिलाल भूरिया, पाचीलाल मेड़ा समेत अन्य विधायकों द्वारा शून्यकाल की सूचना पढ़ने के दौरान इस मामले में सरकार पर आरोप लगाए और ये साथ में तख्तियां भी लिए रहे।

यह मामला तब हुआ जब विधायक बाला बच्चन आदिवासियों युवतियों पर अत्याचार को लेकर सदन का ध्यान आकृष्ट कर रहे थे। इस शोर शराबे के बीच गर्भगृह तक पहुंचे विधायक अचानक सदन से बाहर निकल गए तो विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने इस बारे में पूछा कि क्या ये बहिर्गमन है?

इस पर नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि यह बहिर्गमन नहीं है। इसके बाद सदन की कार्यवाही चलती रही। इसके पहले प्रश्नोत्तर काल में विदिशा जिले के सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने पीएम सड़क योजना से बन रही सड़क नहीं बन पाने और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के मामले में अफसरों पर कार्यवाही की मांग की।

उन्होंने कहा कि मंत्री बताएं कि कितने दिन में सड़क बन जाएगी और किन अफसरों पर कार्यवाही होगी। मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने उनसे अफसरों के नाम पूछे पर विधायक का कहना था कि सरकार को नाम पता हैं। मुझे समय सीमा बताई जाए। काफी देर तक इस पर चर्चा चली। इसके अलावा विधायक विजय लक्ष्मी साधो ने सड़क नहीं बनने के कारण 2028 के चुनाव का बहिष्कार करने वाले गांव में सड़क नहीं बनने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस पर जवाब दे। मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि पठारी क्षेत्र होने के चलते तकनीकी कारणों से सड़क रह गई थी जिसे जल्द बनवाया जाएगा। 

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