लखनऊ
एक उपभोक्ता ने बिजली चोरी की तो पूरे मोहल्ले की बत्ती गुल हो जाएगी। आगरा में निजी कंपनी टोरंट पावर ने बिजली चोरी रोकने और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रुप मीटरिंग शुरू कर दी है। 12 हजार से अधिक उपभोक्ता ग्रुप मीटरिंग से जोड़ दिए हैं। आधुनिक टॉपअप बॉक्स में इन उपभोक्ताओं के बिजली मीटर लगाए हैं। इस बॉक्स से छेड़छाड़ की सूचना भी कार्यालय में बैठे अधिकारियों को लगेगी। उनका दावा है कि इस मॉडल से 100 फीसदी तक बिजली चोरी रोकने में वे सफल होंगे।
आगरा में दो विद्युत वितरण कंपनी बिजली आपूर्ति देती हैं। शहरी सीमा में निजी विद्युत वितरण कंपनी टोरंट पावर है, जो पांच लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई देती है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से आपूर्ति होती है, जो करीब 5.80 लाख उपभोक्ताओं को पोषित करती है।
दशकों से नेटवर्क की हालत खस्ता थी हाल ही में टोरंट पॉवर ने ग्रुप मीटरिंग शुरू की है। इसके तहत मंटोला, सैय्यद पाड़ा, आजम पाड़ा, तेली पाड़ा सहित लोहामंडी में 12 हजार से अधिक उपभोक्ता ग्रुप मीटरिंग से जोड़े हैं। इन इलाकों में दशकों से नेटवर्क की हालत खस्ता थी। केवल भूमिगत होने के बाद भी नेटवर्क क्षतिग्रस्त होता था। दुर्घटना और बिजली चोरी पर अंकुश नहीं था। कंपनी ने अब गली, मोहल्ले के बाहर लगे विद्युत पोल पर आधुनिक टॉप अप बॉक्स लगाया है। इसमें कनेक्शन जोड़े।
उपभोक्ता इन बातों का रखें खास ध्यान
– बिल का समय से करें भुगतान। नहीं तो कट जाएगी बिजली।
– बिल बनने के 15 दिन में कर सकते हैं बिल का भुगतान।
– भुगतान तिथि निकलने पर 15 दिन में काट देते हैं कनेक्शन।
– कनेक्शन कटने पर चार किलोवाट तक 600 रुपये विच्छेदन चार्ज।
– 5 किलोवाट या अधिक पर 1050 है विच्छेदन का चार्ज।
मौके पर जाने की आवश्यकता नहीं
यदि गली का एक भी उपभोक्ता बिजली चोरी का प्रयास करता है। बॉक्स को क्षतिग्रस्त करने की हिमाकत करता है तो तत्काल प्रभाव से पूरे मोहल्ले की बत्ती गुल हो जाएगी। कंपनी के सिस्टम पर भी इसकी सूचना तत्काल मिल जाएगी। यही नहीं, यदि गली में रहने वाला उपभोक्ता समय से बिजली का बिल जमा नहीं करता है तो कार्यालय में बैठा इंजीनियर सिस्टम के माध्यम से ही बत्ती काट देगा। बिल जमा होने के बाद कार्यालय से ही बत्ती जोड़ देगा। कर्मचारियों को मौके पर जाने की आवश्यकता तक नहीं है।
बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने के लिए इस प्रकार की व्यवस्था की गई है। आधुनिक टॉप अप बॉक्स सुरक्षा की दृष्टि से बस्ती, गली, मोहल्ले इत्यादि में आवश्यक हैं। इससे बिजली चोरी पर तो अंकुश लगेगा। नेटवर्क क्षतिग्रस्त होने से राहत मिलेगी। जल्द ही इस मॉडल को शहर के विभिन्न घनी आबादी के मोहल्ले, बाजार और बस्तियों तक फैलाया जाएगा। शैलेश देसाई, उपाध्यक्ष टोरंट पावर
शहर की घनी बस्तियों तक जाएगा मॉडल
टोरंट पॉवर ने ग्रुप मीटरिंग को एक मॉडल के रूप में शहर में पेश किया है। पहले चरण में ये मीटर उस स्थान पर लगाए गए हैं, जहां बिजली चोरी और नेटवर्क क्षतिग्रस्त का प्रतिशत काफी ज्यादा था। अब उपभोक्ताओं पर नजर रखी जा रही है। सफल परिणाम मिल रहे हैं। जल्द ही पुराने शहर सहित घनी और मिश्रित आबादी, बाजार में 25 हजार से अधिक उपभोक्ताओं तक इसे पहुंचाना है। ताकि, दुर्घटना से राहत मिल सके।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

