उमेश पाल हत्‍याकांड: पुलिस के हाथ आते-आते रह गए प्रयागराज शूटआउट में शामिल रहे दो इनामी, ऐन वक्‍त पर बदली लोके

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
प्रयागराज के बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस को अतीक गैंग की विश्वस्त टीम को पकड़ने में तो सफलता मिल गई लेकिन पांच-पांच लाख के इनामी दो शूटर हाथ आते-आते रह गए। पुलिस को गैंग के भीतर से ही ऐसी सटीक सूचना मिली थी कि वह दोनों शूटरों के बेहद करीब पहुंच गई लेकिन ऐन वक्त पर शूटरों ने अपनी ‘लोकेशन’ बदल दी। यूपी पुलिस की प्रतिष्ठा से जुड़े इस हत्याकांड के खुलासे को लेकर डीजीपी मुख्यालय बेहद गंभीर है। पुलिस की एक-एक कार्रवाई मुख्यालय की निगरानी में है। मंगलवार को प्रयागराज पुलिस को मिली सफलता को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि छापे में बरामद रकम शूटरों में बांटी जानी थी। पुलिस को पूछताछ में जानकारी मिली है कि हत्याकांड में शामिल सभी शूटरों को 10-10 लाख और एक-एक गाड़ी देने का वायदा किया गया था। इसी तरह गिरफ्तार सभी अभियुक्त गैंग संचालित करने वाली कोर टीम में शामिल थे।

गुड्डू मुस्लिम के हर ठिकाने पर गई एसटीएफ
एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि गुड्डू मुस्लिम के बारे में भी कई जानकारी मिली है। उसके हर ठिकानों पर एसटीएफ और प्रयागराज पुलिस छापे मार चुकी है। दावा किया जा रहा है कि हत्या से पहले ही साजिश में यह सबसे अहम था कि वारदात के बाद कौन किस रास्ते से किधर भागेगा। पूरा चार्ट तैयार किया गया था। यही वजह है कि ये आरोपित एक दूसरे से मोबाइल से सम्पर्क भी नहीं कर रहे हैं। गिरफ्तार युवकों की कॉल डिटेल से कई जानकारियां मिली है। इस कॉल डिटेल में कई संदिग्ध नम्बर भी मिले हैं। इनका पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है।

पुलिस ने पांचों को भेजा जेल, बढ़ाई सुरक्षा
धूमनगंज पुलिस ने बुधवार को अतीक अहमद के चालक नियाज अहमद, मुंशी राकेश उर्फ लाला, रेकी करने वाले मो. सजर, कैश अहमद और अरशद कटरा को कोर्ट में पेश किया। वहां से पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया। चालक और मुंशी ने बताया कि उनको जान का खतरा बना हुआ है। पुलिस ने एहतियातन उनकी जेल में सुरक्षा बढ़ाने का इंतजाम करा दिया।

तीन बैंकों से निकाले गए थे लाखों रुपये
माफिया अतीक अहमद की पत्नी को 72 लाख 37 हजार रुपये कहां से मिले, इसकी जांच शुरू हो गई है। पुलिस को नोटों की गड्डियों से कई क्लू मिले हैं।इन गड्डियों पर भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य बैंकों की पर्चियां लगी मिली हैं। इनकी मदद से पुलिस ने बैंकों से जानकारी मांगी है कि किसने और कब रुपये निकाले थे। इनके जवाब जांच के बाद सामने आएंगे।

 

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