लखनऊ
राज्य सरकार ने 18 प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को संरक्षित घोषित किया है। यह स्थल प्रदेश के छह जिलों में स्थित हैं। प्रदेश सरकार द्वारा इन सभी स्थलों को एंशियंट मान्यूमेन्ट्स प्रिजर्वेशन एक्ट-1904 की धारा-3 के अधीन संरक्षित घोषित किये जाने की अधिसूचना जारी की गई है।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि निदेशक, राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा 18 स्मारकों या स्थलों को संरक्षित घोषित किये जाने के लिए अंतिम अधिसूचना जारी कराई गई है। इनमें जनपद झांसी स्थित शिवालय, प्राचीन कोल्हू कुश मड़िया, चम्पतराय का महल, उत्तर मध्य कालीन किला बंजारों का मंदिर, बेर, पिसनारी दायी मड, पठामढ़ी, टहरौली का किला, दिगारा गढ़ी तथा राम जानकी मंदिर को संरक्षित घोषित किया गया है।
इसी प्रकार संतकबीरनगर जनपद के कोट टीला, प्रयागराज स्थित रानी का तालाब, इष्टिका निर्मित प्राचीन विष्णु मंदिर, गंगोला शिवाला, जनपद महोबा स्थित शिव तांडव, खंकरा मठ, जनपद फर्रूखाबाद स्थित प्राचीन शिवमंदिर तथा इटावा में स्थित शिव मंदिर (टिक्सी टेम्पिल) को संरक्षित घोषित किया गया है।
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