वकील प्रतिवाद दिवस मनाने पर अड़िग, हड़ताल दो ओर दिन बढ़ाई

मध्य प्रदेश राज्य

जबलपुर

पुराने 25 प्रकरणों को तीन माह की समय सीमा में निराकृत करने के हाईकोर्ट के आदेश के विरोध में प्रदेश में वकीलों की हड़ताल जारी है। हाईकोर्ट ने वकीलों को काम पर लौटने के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद वकील प्रतिवाद दिवस मनाने पर अड़िग हैं।

सोमवार को मप्र राज्य अधिवक्ता परिषद की सामान्य सभा में यह निर्णय लिए गए। यह तय हुआ कि 28 और 29 मार्च को भी विरोध जारी रहेगा और वकील काम नहीं करेंगे। कार्यकारी सचिव गीता शुक्ला ने कहा है कि राज्य अधिवक्ता परिषद के 24 सदस्यों ने परिषद की सामान्य सभा की विशेष बैठक बुलाई थी। इसमें वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। यह तय हुआ कि लंबित 25 प्रकरणों के तीन माह के अंदर निराकरण का आदेश प्रदेश के वकीलों एवं पक्षकारों के लिए सुविधाजनक नहीं है। इससे उन्हें कठिनाई हो रही है। इस संबंध में 28 और 29 मार्च को न्यायालयीन कार्य से दूर रहते हुए प्रतिवाद दिवस मनाया जाएगा।

परिषद के उपाध्यक्ष आरके सिंह सैनी, कोषाध्यक्ष मनीष तिवारी, मानद सचिव राधेलाल गुप्ता, राजेश पांडेय एवं शैलेंद्र वर्मा ने सामान्य सभा की बैठक में विशेषकर मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के अवमानना नोटिस की बात रखी। इससे प्रदेश के सभी वकीलों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। परिषद ने दो दिवसीय प्रतिवाद दिवस घोषित किया है। सोमवार को बुलाई गई सभा में परिषद के अध्यक्ष प्रेमसिंह भदौरिया, उपाध्यक्ष आरके सिंह सैनी, कोषाध्यक्ष मनीष तिवारी समेत अन्य सदस्य शामिल हुए।  

जिला न्यायालय में 13 वें दिन भी विरोध जारी
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष आरके सिंह सैनी व सचिव राजेश तिवारी ने बताया कि हाईकोर्ट के उक्त आदेश के विरोध में जिला न्यायालय में वकीलों का विरोध 13वें दिन भी जारी रहा। पूर्व से विरोध करते आ रहे जिला न्यायालय ने एसबीसी के आह्वान पर चौथे दिन भी न्यायालयीन कार्य से स्वयं को दूर रखा।  इस तरह जिला न्यायालय में वकीलों के विरोध का यह 13वां दिन रहा। संघ अध्यक्ष आरके सिंह सैनी और सचिव राजेश तिवारी समेत अन्य वकीलों ने अपना विरोध जताया।

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