मानहानि मुकदमे में दिल्ली HC ने उद्धव ठाकरे ,आदित्य ठाकरे और संजय राउत को भेजा समन

राजनीती

मुंबई

आपराधिक मानहानि केस में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को 2 साल की सजा मिलने के बाद अब महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना सांसद राहुल रमेश शेवाले की ओर से दायर मानहानि मुकदमे में दिल्ली हाई कोर्ट ने उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे और वरिष्ठ नेता संजय राउत को समन भेजा है।

राउत ने आरोप लगाया था कि शिंद गुट को धनुष और तीर का निशान मिलने के पीछे 2 हजार करोड़ रुपए की डील है। जस्टिस प्रतीक जालान ने सांसद की शिकायत पर सोशल मीडिया वेबसाइट्स को भी तलब किया। मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी। कोर्ट ने गूगल, ट्विटर, राउत और ठाकरे को 30 दिनों के भीतर लिखित जवाब देने को कहा है।

शेवाले की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने अदालत से कहा कि राउत और अन्य को आगे मानहानिकारक आरोप लगाने से रोकने के लिए आदेश पारित किया जाए। हालांकि,कोर्ट ने यह कहते हुए कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया कि वह पहले सभी पक्षों को सुनेगी। अदालत ने कहा, 'यह सब राजनीतिक लड़ाई है… जहां तक संस्थानों की बात है, इन सबसे निपटने के लिए चुनाव आयोग के कंधे काफी मजबूत हैं। अदालतों की तरह लोग अदालतों के बारे में तरह-तरह की बातें करते हैं।'

कोर्ट ने कहा कि अभी उसकी ओर से कोई टिप्पणी नहीं की जा रही है कि आरोप सही हैं या गलत। कोर्ट ने कहा, 'मैं केवल यह कह रहा हूं कि मैं रिकॉर्ड पर हलफनामा होने के बाद मैं सवाल निर्धारित करूंगा।' 19 फरवरी को एक ट्वीट में राउत ने दावा किया कि 2000 करोड़ रुपए शुरुआती आंकड़े हैं और यह 100 फीसदी सच है।

राज्यसभा सांसद ने सबूत होने का दावा करते हुए कहा था कि जल्द खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा था कि सत्ताधारी दल के करीबी बिल्डर ने उन्हें जानकारी दी है। उन्होंने संवाददाताओं से यह भी कहा कि जिस तरह से भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी, वह न्याय नहीं बल्कि 'बिजनेस' था।

 

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