‘लोकसभा चुनाव में विपक्ष को होना होगा एकजुट’, अकेले लड़ने का ऐलान कर चुकी ममता बनर्जी के बदले तेवर

राजनीती

 नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बुधवार को देश के सभी राजनीतिक दलों से अगले साल होने वाले आम चुनाव में एकजुट होकर भाजपा से लड़ने की अपील की। बनर्जी ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी सभी धर्मों के लोगों को भारतीय लोकतंत्र को बचाने के लिए भाजपा को हराने के वास्ते एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा 2024 के संसदीय चुनाव में देश के नागरिकों और भाजपा के बीच की लड़ाई होगी। ममता बनर्जी ने राज्य के प्रति केंद्र सरकार के कथित भेदभावपूर्ण रवैये के विरोध में कोलकाता में 2 दिवसीय धरना शुरू किया है। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने भाजपा को 'दुशासन' करार देते हुए कहा कि इसने  एलआईसी और एसबीआई को बेचकर देश को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा, 'भारत में हर राजनीतिक दल को इस भाजपा सरकार को हटाने के लिए एकजुट होना चाहिए। 'दुशासन' भाजपा को हटाओ और देश के आम आदमी व भारतीय लोकतंत्र को बचाओ।'

2024 का चुनाव अकेले लड़ने का किया था ऐलान
TMC चीफ की ओर से विपक्षी दलों के एकजुट होने की अपील हैरान करने वाली है क्योंकि कुछ दिनों पहले ही उन्होंने 2024 का चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया था। पिछले कुछ समय से टीएमसी और कांग्रेस के बीच खटपट भी खुलकर सामने आई थी। हालांकि, हाल के कुछ दिनों में इसमें बदलाव देखा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराये जाने के बाद उन्होंने कहा था कि देश का संवैधानिक लोकतंत्र निम्न स्तर तक गिर गया है।

सांसदी जाने पर राहुल गांधी के साथ हुईं खड़ी
ममता बनर्जी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा था कि विपक्षी नेताओं को उनके भाषणों के लिए अयोग्य घोषित किया जा रहा है। उन्होंने ट्वीट किया, 'प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी के नए भारत में विपक्षी नेता भाजपा का मुख्य निशाना बन गए हैं! आपराधिक पृष्ठभूमि वाले भाजपा नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है। विपक्षी नेताओं को उनके भाषणों के लिए अयोग्य घोषित किया जाता है। आज हमने अपने संवैधानिक लोकतंत्र का एक नया निम्न स्तर देखा है।'

खड़गे के नेतृत्व में प्रदर्शन में शामिल हुई TMC
इस सप्ताह की शुरुआत में टीएमसी ने संसद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में रणनीति सत्र में भाग लिया था। पार्टी नेता कांग्रेस के काले कपड़े में विरोध प्रदर्शन और खड़गे के घर पर डिनर पार्टी में भी शामिल हुए। हांलाकि, इसे लेकर टीएमसी की ओर से संकेत दिया गया कि यह मुद्दे पर आधारित समर्थन था। ऐसे में बनर्जी की विपक्षी दलों की एकजुटता वाली टिप्पणी बड़े बदलाव का इशारा है। यह ध्यान रखने वाली बात है कि वह पिछले कुछ वर्षों से एकता को लेकर विपक्षी शो से खुद को दूर रखती रही हैं।

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