औरंगाबाद
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। महाविकास अघाड़ी की औरंगाबाद रैली में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर न्यायपालिका को नियंत्रित करने के आरोप लगाए हैं। हाल ही में गुजरात उच्च न्यायालय ने पीएम मोदी की डिग्री पूछने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
ठाकरे ने कहा, 'कई डिग्री वाले युवा हैं, लेकिन उनके पास जॉब नहीं हैं…। जब पीएम की डिग्री पर पूछा गया, तो 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा। कौन सा कॉलेज है, जो इस बात पर गर्व नहीं कर रहा कि उनका कॉलेज था, जहां प्रधानमंत्री ने पढ़ाई की है? ' उन्होंने सवा किया कि यह किस तरह का न्याय है, जहां पीएम की डिग्री पूछने पर जुर्माना लगाया गया?
MVA पर सफाई
उन्होंने कहा, 'हमने सत्ता के लिए MVA बनाई थी। मैं इस बात को खुलकर कहता हूं। आज हम सत्ता में नहीं होने के बाद भी साथ हैं। अगर भाजपा कहती है कि हमने सत्ता के लिए कांग्रेस के तलवे चाटे, तो मुझे बताएं कि आपने सत्ता में रहने के लिए मिंधे के तलवे क्यों चाटे? जब आपने नीतीश के साथ सत्ता साझा की तो तब क्या चाटा था?'
न्यायपालिका पर नियंत्रण के आरोप
उन्होंने भाजपा पर न्यायपालिका पर नियंत्रण के आरोप लगाए हैं। ठाकरे ने कहा, 'हम दो बार भाजपा के साथ सरकार में रहे, लेकिन औरंगाबाद का नाम छत्रपति संभाजीनगर नहीं बदल सके। हमने कांग्रेस और एनसीपी के साथ सत्ता साझा की और इसका नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर रखा। भाजपा को अपना नाम भ्रष्टवादी जनता पार्टी रखना चाहिए, क्योंकि उन्होंने सभी भ्रष्ट नेताओं को रख लिया।'
उन्होंने कहा, 'भाजपा अब न्यायपालिका को भी नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। इजरायल का उदाहरण ले लें। उनके (मोदी) के दोस्त नेतन्याहू ने भी ऐसा करने की कोशिश की। इजरायल के लोग सड़कों पर उतरे और उनके साथ पुलिस, सरकारी अधिकारी और यहां तक कि विदेशी दूतावास भी थे। वहां पीएम को पीछे हटना पड़ा। यह लोकतंत्र है। यहां भी मतदाताओं को पीएम को कंट्रोल करना चाहिए।'
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