चेन्नई
मद्रास हाई कोर्ट की मदुरई पीठ ने सोमवार को हिंदू रिलीजियस एंड चैरीटेबल एंडोमेंट्स (एचआर एंड सीई) को निर्देश दिया कि वह तमिलनाडु में पांच बड़े मंदिरों में गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए तत्काल और परेशानी मुक्त दर्शन सुनिश्चित करने की योजना बनाए।
पीठ ने अधिवक्ता बी. रामकुमार आदित्यन की जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। याचिका में कहा गया है कि तमिलनाडु में एचआर एंड सीई के नियंत्रण में 40 हजार से ज्यादा मंदिर हैं। तमिलनाडु में पांच बड़े मंदिरों में श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए तीन से चार घंटे प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
पलानी मरुगन मंदिर, तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर, थिरुवरंगम अरंगनाथर मंदिर, रामेश्वरम रामनाथ स्वामी मंदिर और मदुरई मीनाक्षी अम्मन मंदिर।
इन मंदिरों में मुफ्त में, 100 रुपये या 200 रुपये में और विशेष मार्ग से तत्काल दर्शन भी होते हैं। इसलिए वीवीआइपी और वीआइपी, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं, नवजात के साथ आईं महिलाओं और बीमार लोगों इन पांच मंदिरों में अलग से दर्शन की व्यवस्था की जाए। अदालत ने इन सभी के लिए ऐसी व्यवस्था से इनकार करते हुए कहा कि दिव्यांगों व गर्भवती महिलाओं के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए।
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