गलती पड़ी भारी! कासगंज के एक फोन पर पहुंचा मैसेज और पुलिस ने अलीगढ़ में ऐसे पकड़ लिया वाहन चोर गैंग

उत्तर प्रदेश राज्य

 अलीगढ़

पुलिस का कथन है कि अपराधी कितना ही शातिर क्यों न हो, कोई न कोई गलती कर अपनी तिकड़म में ही फंस जाता है। यह बात सच साबित हुई और अलीगढ़ के सिविल लाइंस पुलिस ने ऐसे ही एक वाहन चोर गिरोह के तीन शातिरों को शनिवार को दबोच लिया। इनके पास से दिल्ली से चुराई एक बाइक बरामद हुई, जिसे कासगंज की नंबर प्लेट लगाकर दौड़ा रहे थे। तीनों को जेल भेज दिया गया है।

ललित पुत्र स्व धर्मपाल सिंह निवासी अशोक विहार, खैर बाईपास, बन्नादेवी और इसकी बुआ के बेटे नीरज कुमार पुत्र बिरजा शर्मा निवासी बाहरपुर, चंडौस और मिंकू पुत्र रामभूल सिंह निवासी ग्राम दशहरा,अरनिया, बुलंदशहर के साथियों ने दिल्ली से एक बाइक पिछले दिनों चोरी की। गिरोह ने बाइक की नंबर प्लेट बदल कासगंज में रजिस्टर्ड एक गाड़ी की नंबर प्लेट चस्पा कर दी और बाइक को अलीगढ़ में चलाने लगे। पिछले दिनों बाइक के कई चालान हुए तो कासगंज में रजिस्टर्ड मूल वाहन के स्वामी पर मैसेज गए। उसने अलीगढ़ के आईसीसीसी प्रभारी धीरेंद्र सिंह से शिकायत की। बताया कि वह कभी अपने वाहन को अलीगढ़ में नहीं लाया, फिर भी यहां की पुलिस ने चालान काट दिए है।
 

धीरेंद्र सिंह ने बाइक को आईसीसीसी की रडार पर लिया। शुक्रवार को लाल डिग्गी के पास बाइक को ट्रेस कर टीम ने मौके से ललित को दबोच लिया। ललित ने पूछताछ में नीरज और मिंकू का नाम भी उजागर किया। इसके अलावा चंडौस के एक अन्य शातिर, जो कि वर्तमान में दिल्ली में रहता है। उसका भी नाम उजागर किया। सीओ सिविल लाइंस अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने नीरज, ललित और मिंकू को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया। इनके चौथे साथी की तलाश जारी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई जितेंद्र कुमार धामा, कांस्टेबल रवि कुमार, हर्षवर्धन मौजूद रहे।

 

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