भोपाल
गर्मी में प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में गहराते पेयजल संकट के मद्देनजर जिन जिलों में नलकूपों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है वहां पिछले छह माह में राइजर पाइप डालने की रिपोर्ट लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जिलों से तलब की है।
इन जिलों से विकासखंडवार रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। प्रदेश के दस से अधिक जिलों को जल अभावग्रस्त घोषित किए जाने के बाद इसकी डिमांड बढ़ गई है। उधर अंबेडकर जयंती से पांच दिन तक चलने वाली ग्राम सभाओं में भी पेयजल का मुद्दा उठना तय माना जा रहा है। कलेक्टरों द्वारा प्रदेश के कई जिलों में पेयजल संकट की स्थिति को देखते हुए पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के अधिकारों का प्रयोग करते हुए समूचे जिले को जल अभावग्रस्त घोषित किया गया है।
इस बीच शासन ने जिलों से मिली रिपोर्ट के आधार पर विकासखंड वार नलकूपों में डाले गए राइजर पाइप और सुधार व मरम्मत की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही डिमांड की स्थिति का भी आंकलन किया जा रहा है ताकि पेयजल परिवहन की स्थिति कम से कम बने। हालांकि शासन ने गंभीर स्थिति को देखते हुए कलेक्टरों को पेयजल परिवहन के भी निर्देश दिए हैं।
योजनाओं के प्लान लागू करने ग्रामीण जनप्रतिनिधि करेंगे चर्चा
प्रदेश के सभी जिलों में अंबेडकर जयंती से 5 दिन तक ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन करने के निर्देश सभी कलेक्टरों और सीईओ जिला पंचायत को दिए गए हैं। इन ग्राम सभाओं में ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के साथ शासन की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। इसकी जानकारी पंचायतों को सीईओ के माध्यम से शासन को भेजना होगी।
पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर 14 से 18 अप्रैल तक जिले में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान ग्राम सभाओं में बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना, लाड़ली बहना योजना, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, स्कूलों और आॅगनवाड़ी केन्द्रो में स्वच्छ जल की उपलब्धता, ग्राम गौरव दिवस, शुद्ध पेयजल की नियमित उपलब्धता तथा नल-जल योजना के रख-रखाव , कुपोषण मुक्त ग्राम, शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओ की जानकारी ग्राम सभा के समक्ष रखी जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की पेंशन योजनाओं में लाभ लेने वाले हितग्राहियों की सूचियों का वाचन एवं अन्त्योदय सर्वे पर चर्चा भी की जाएगी। इन बैठकों में पंचायत क्षेत्र में लाड़ली बहना योजना के लिए भरे गए फार्म और उसमें पात्रता व अपात्रता की स्थिति की भी चर्चा होगी ताकि 30 अप्रेल के बाद इसके लिए की जाने वाली स्क्रूटनी कार्यवाही को समय पर पूरा किया जा सके। इन ग्राम सभाओं में सीईओ जनपद मानीटरिंग करेंगे और रिपोर्ट तैयार कराकर शासन को भेजेंगे।
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