नई दिल्ली
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अमेरिका में कहा कि भारत की वित्तीय प्रणाली अमेरिका और स्विट्जरलैंड में हाल के घटनाक्रमों से पूरी तरह अछूती है तथा वह इनसे प्रभावित नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि देश की बैंकिंग प्रणाली जुझारू, स्थिर और दुरूस्त है. गवर्नर दास ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वैश्विक स्तर पर, अमेरिका तथा स्विट्जरलैंड की बैंकिंग प्रणाली में हाल में जो घटनाक्रम हुए उनसे एक बार फिर वित्तीय स्थिरता और बैंकिग क्षेत्र की स्थिरता का महत्व सामने आया है.
आरबीआई गवर्नर अमेरिका में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक (World Bank) की सालाना बैठकों में शामिल होने आए हैं. सिलिकॉन वैली बैंक के विफल होने के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक भारत की बात है तो भारतीय बैंकिंग प्रणाली, भारत की वित्तीय प्रणाली, ये अमेरिका या स्विट्जरलैंड में हुए किसी भी घटनाक्रम से पूरी तरह से अछूते हैं। हमारी बैंकिंग प्रणाली जुझारू, स्थिर और दुरूस्त है.’’
हर मामले में हमारे बैंक स्वस्थ
उन्होंने कहा कि बैंकिंग से संबंधित मानकों की बात करें, चाहे वह पूंजी पूर्याप्तता हो, दबावग्रस्त संपत्तियों का प्रतिशत हो, बैंकों का शुद्ध ब्याज मार्जिन हो, बैंकों की लाभप्रदता हो, चाहे जिस भी मानक को देखा जाए, सभी के लिहाज से भारत की बैंकिंग प्रणाली स्वस्थ बनी हुई है.’’ दास ने कहा कि जहां तक आरबीआई की बात है तो बीते कुछ वर्षों में केंद्रीय बैंक ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों समेत पूरी बैंकिंग प्रणाली पर निगरानी और नियमन को बेहतर और सख्त किया है.
पहले भी जता चुके हैं भरोसा
यह पहली बार नहीं है जब आरबीआई गवर्नर ने भारतीय बैंकिंग प्रणाली पर भरोसा जताया हो. इससे पहले भी उन्होंने मार्च में कहा था कि अमेरिका में बैंकों के साथ जो कुछ भी हो रहा है उसका असर भारत की बैंकिंग प्रणाली पर नहीं होने वाला है. गौरतलब है कि पिछले ही महीने अमेरिका का सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) का धाराशायी हो गया था. इससे अर्थ जगत में खलबली मच गई थी. शक्तिकांत दास ने कहा था कि आरबीआई बैंकों के साथ संपर्क में है और उन्होंने सुरक्षा के मजबूत मापदंड तय करने के लिए लगातार निर्देश दे रहा है.
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