चुनाव के बीच दाल की कीमतों में उछाल ने खड़े किए मोदी सरकार के कान

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 कर्नाटक

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बीच दाल (Lentils) की कीमतों की में उछाल से मोदी सरकार के न केवल कान खड़े हो गए हैं बल्कि महंगाई ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। सरकार कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए स्टॉकिस्ट, मिलरों, खाद्य प्रसंस्करणकर्ताओं और व्यापारियों के साथ बात कर स्टॉक की घोषणा करने के लिए दबाव बना रही है। मंत्रालय का कहना है कि सचिव ने 15 अप्रैल को इंदौर में ऑल इंडिया दाल मिल्स एसोसिएशन के साथ बैठक की। इसके साथ 12 वरिष्ठ अधिकारियों को कर्नाटक, मध्य प्रदेश राज्यों में विभिन्न स्थानों का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया।

इस बीच, सोमवार को अरहर और उड़द दाल की कीमतों में उछाल के बाद उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव रोहित कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ चर्चा की है। इन अधिकारियों ने कई हिस्सों में प्रमुख दाल बाजारों का दौरा कर दाल के कारोबारियों से बात की है।
 
इससे पहले भी रोहित कुमार ने पिछले सप्ताह में भी अरहर और उड़द दाल की उपज और खपत करने वाले प्रमुख राज्यों के साथ बैठक कर दालों के स्टॉक की समीक्षा की थी। बैठक में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था।

थोक मंडी में इस भाव पर बिकीं दालें
उधर, इंदौर के संयोगिता गंज अनाज‌ मंडी में सोमवार को तुअर (अरहर) की दाल 200 रुपये, मूंग की‌ दाल 100 रुपये और उड़द मोगर के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आई। 

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