ज्ञानवापी
ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन पर इंजेक्शन से हमला हुआ है। घटना के तुरंत बाद उनको अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों को शक है कि इंजेक्शन के जरिए उनके शरीर में कोई वायरस इंजेक्ट किया गया, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। जानकारी के मुताबिक जितेंद्र सिंह विसेन मंगलवार को दिल्ली में थे। रात के वक्त उनके पास दो लोग आए और इंजेक्शन लगाकर भाग गए। अचानक इंजेक्शन लगने से वो चिल्लाने लगे, जिस पर आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। साथ ही उनको राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करवाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जांच की, अभी उनका शरीर स्वस्थ लग रहा, लेकिन शक है कि उनको किसी तरह का वायरस इंजेक्ट किया गया है। अगर ऐसा हुआ है, तो उसका असर एक हफ्ते बाद देखने को मिलेगा। फिलहाल उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन उन्हें डॉक्टरों के संपर्क में रहने को कहा गया है।
मामले में जितेंद्र सिंह विसेन ने कहा कि वो मंगलवार रात को खाना खाकर घर के बगल स्थित पार्क में टहल रहे थे। तभी दो लोग आए और उनको नीडल घोंप दी। जहां पर उन्होंने उसे लगाया, वहां तेज दर्द और जलन होने लगी। वहां मौजूद लोग और परिजन उन्हें लेकर तुरंत अस्पताल भागे। वहां पर उनकी जांच की गई।
विसेन के मुताबिक डॉक्टरों को किसी वायरस के इंजेक्ट होने का शक है। जहां पर नीडल लगी थी, वो स्किन शख्त हो गई है। उन्होंने दिल्ली पुलिस को भी इस घटना के बारे में बताया है। उनकी टीम हमलावरों को पकड़ने की कोशिश कर रही।
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