भोपाल
राजधानी में एक ओर जहां कोरोना संक्रमण की दर लगातार बढ़ती जा रही है वहीं दूसरी ओर एम्स, हमीदिया व रीजनल रेस्पिरेटरी इंस्टीट्यूट में अप्रेल के आखिरी सप्ताह से आधे डॉक्टर गर्मी की छुट्टियों पर जा रहे हैं। इनके आने के बाद बाकी डॉक्टर मई के आखिरी सप्ताह से 27 जून तक समर वेकेशन पर रहेंगे।
गर्मियों में उन्हें एक महीने की समर वेकेशन लीव मिलती है। गांधी मेडिकल कॉलेज में लगभग 250 और एम्स में 215 के करीब डॉक्टर हैं। आधे डॉक्टर समर लीव पर होने की वजह से ओपीडी व सर्जरी में एक डॉक्टर पर दोगुने मरीजों का भार होगा। जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ सकता है। सुपर स्पेशलिस्ट विभागों में एक या दो डॉक्टर ही रहेंगे। उन्हें ओपीडी के अलावा सर्जरी भी करना होगी। ऐसे में कई सर्जरी टाली जाएंगी।
प्रदेश में 306 एक्टिव केस: जबलपुर-भोपाल बने हॉट स्पॉट
मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर सभी को चिंता में डाल दिया है। कुछ माह पहले तक पूरा मध्यप्रदेश कोरोना फ्री हो गया था। सभी जिलों में जीरो केस थे। लेकिन, मंगलवार को आइ ताजा रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया। 46 नए पाजीटिव केस आने से प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 306 हो गई है। पिछले 24 घंटों में 502 मरीजों की जांच की गई थी। जबलपुर में सबसे ज्यादा केस आए हैं, यहां एक ही दिन में 20 संक्रमित मिले हैं। जबकि भोपाल में 15 संक्रमित मिले हैं।
कोरोना से बचाव का उपाय है सावधानी
कोरोना से बचाव का सबसे बड़ा उपाय सावधानी है। इसमें सोशल डिस्टेंस का पालन करना, मुंह पर मास्क लगाना, हाथों को साबुन से धोना या सैनेटाइज करना शामिल है। जो व्यक्ति इन सब को अपनी दिनचर्या में लेगा वह खुद और दूसरे लोग भी सुरक्षित रहेंगे। डॉक्टर की तरफ से भी लोगों को सलाह दी गई है कि कोरोना से बचाव के लिए हर समय सावधानी बरतें। यदि बीमार हुए तो अस्पताल में जाकर तुरंत इलाज कराएं।
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