नई दिल्ली
यूक्रेन की संसद सदस्य यूलिया क्लेमेंको ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीयता बहुत ज्यादा है। दुनिया को बेहतर बनाने में वे एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच भुवनेश्वर के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) के परिसर में आयोजित जी-20 के तहत वाई-20 परामर्श बैठक में यूलिया क्लेमेंको उक्त बातें कहीं। बैठक में उन्होंने कहा कि जबतक रूस अपने क्षेत्र और नागरिकों को शांति से नहीं छोड़ता, तबतक शांतिपूर्ण बातचीत की कोई संभावना नहीं है।
वहीं यूलिया ने मीडिया से बातचीत में यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत ने तटस्थ रहने की भूमिका चुनी है। सभी को पता है कि भारत और रूस के बहुत पुराने राजनयिक संबंध हैं। फिर भी भारत ने तटस्थ रहना चुना है, यह प्रशंसनीय है।
आगे उन्होंने कहा कि भारत इस समय जी-20 सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। जी-20 का सार ही वसुधैव कुटुम्बकम है, यानि पूरा विश्व एक परिवार है। यह सही समय है कि इसके माध्यम से दुनिया को यह बताया जाए कि परिवार में यूक्रेन युद्ध में झुलस रहा है तो बाकी देश कैसे शांति से रह सकते हैं। युद्ध को जल्द समाप्त करने के रास्ते तलाशे जाने चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाते हुए यूलिया ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अपने निर्माण के उद्देश्यों को पूरा करने में विफल हुआ है। संयुक्त राष्ट्र के सामने रूस लगातार यूक्रेन पर हमला कर रहा है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र की आवश्यकता पर सवाल उठेंगे ही। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे इस संकट को पहचानें और ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश करें, जिससे कोई देश किसी अन्य की संप्रभुता को संकट में न डाल सके।
उल्लेखनीय है कि भुवनेश्वर के कीट कैंपस में जी-20 की शिक्षा कार्य समिति की बैठक से पहले वाई-20 की दो दिवसीय परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। 14 अप्रैल से 15 अप्रैल तक आयोजित इस बैठक में 16 देशों के 20 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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