यमन में ईद से पहले मातम भगदड़, 79 की मौत सैकड़ों घायल

दुनिया

सना

यमन की राजधानी सना में बुधवार देर रात मात्र 800 रुपये की आस में चंद सेकेंडों में लाशों का ढेर लग गया. देखते ही देखते 85 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ गई है जबकि 70 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यह भीड़ वहां किस लिए इकट्ठा हुई थी? तो इसका जवाब है चैरिटी इवेंट के लिए. वित्तीय सहायता बांटने करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में भगदड़ मचने के कारण कम से कम 78 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए।

हूती के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। हूती की ओर से संचालित गृह मंत्रालय के अनुसार, ओल्ड सिटी में व्यापारियों की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में सैकड़ों गरीब लोग इकट्ठा हुए थे और तभी अचानक वहां भगदड़ मच गई।इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यह भीड़ वहां किस लिए इकट्ठा हुई थी? तो इसका जवाब है चैरिटी इवेंट के लिए.

हूती के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब व्यापारियों की ओर से रमजान के पाक महीने में लोगों की मदद के लिए एक चैरिटी इवेंट रखा गया था. जिसमें पहुंचने वाले हर गरीब को करीब 800 रुपए (10 डॉलर) की आर्थिक मदद दी जा रही थी. रमजान के महीने में यमन यह बहुत आम प्रथा है लेकिन ऐसी घटना शायद पहली बार हुई है.

रमजान में गरीबों के लिए 800 रुपए की रकम कोई कम नहीं होती है. ऐसे में वो आर्थिक मदद पाने के लिए सना में इकट्ठा हो गए. पैसा पाने की होड़ मच गई. इसके बाद हूती सेना ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए हवाई फायरिंग कर दी. संयोगवश गोली बिजली के तार से टकरा गई जिसके बाद ब्लास्ट हो गया.

ब्लास्ट की आवाज सुन चंद सेकेंड में वहां भगदड़ मच गई. गोली की आवाज जैसे ही लोगों के कानों तक पहुंची अफरातफरी मच गई. सोशल मीडिया पर भी घटना से जुड़े कई दर्दनाक वीडियो वायरल हो रहे हैं. लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है. जमीन पर जूते-चप्पल के साथ लोगों के कपड़े नजर आ रहे हैं. फर्स पर खून के धब्बे पड़े हुए हैं.

घटना के बाद आंतरिक मंत्रालय ने पल्ला झाड़ लिया. मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर अब्देल खलीक अल-अघरी ने पूरा ठिकरा उन व्यापारियों पर फोड़ दिया है जिनकी ओर से पैसे बाटें जा रहे थे. खलीक ने कहा कि व्यापारियों ने स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित नहीं किया था.

हूती विद्रोहियों ने स्कूल कर दिया बंद

भगदड़ के बाद हूती विद्रोहियों ने तत्काल उस स्कूल को बंद कर दिया जहां लोगों को पैसे बांटे जा रहे थे, उन्होंने मीडिया को भी अंदर आने से रोक दिया. आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि उनसे दो आयोजकों को हिरासत में लिया और मामेली की जांच कर रहा है.

हूती विद्रोहियों ने स्कूल को घेरा
हूती विद्रोहियों ने उस स्कूल को तुरंत घेर लिया, जहां कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वहां पत्रकारों सहित आम लोगों को फिलहाल जाने नहीं दिया जा रहा। हूती की ओर से संचालित गृह मंत्रालय के अनुसार, इस संबंध में अभी तक दो आयोजकों को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच जारी है। कुछ चश्मदीदों ने न्यूज एजेंसी एपी को बताया कि भीड़ को काबू में करने के लिए हूती विद्रोहियों ने हवा में गोलियां चलाईं।

विस्फोट से फैल गई दहशत
लोगों ने बताया कि गोली संभवतः बिजली के तार में लगी और उसमें विस्फोट हो गया। उन्होंने कहा कि इससे दहशत फैल गई और लोगों ने भगदड़ मचानी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे कुछ वीडियो में एक बड़े परिसर के भीतर जमीन पर पड़े शवों को और उनके आसपास लोगों को चिल्लाते हुए देखा जा सकता है। यमन में 2014 में संघर्ष शुरू हुआ था जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था।

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