भोपाल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा पत्रकार वार्ता में स्कूलों के बंद होने व शिक्षकों की कमी को लेकर दिए बयान पर मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने पलटवार करते हुए गुरुवार को कहा कि झूठ व भ्रम फैलाने मे माहिर दिग्विजय सिंह गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं और कोई स्कूल बंद नहीं किए गए हैं।
उन्होंने दिग्विजय सिंह को कमलनाथ सरकार के रिमोट के रूप में उद्बोधित करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह जो आंकड़े पेश कर रहे हैं, वह झूठे और मिथ्या है। कमलनाथ सरकार द्वारा एक शाला एक परिसर योजना के माध्यम से प्राथमिक माध्यमिक व हाईस्कूल स्कूलों को एक किया गया। पहले इंसानों का अलग-अलग कोड हुआ करता था, अब एक कोड से संचालित होने से शालाओं की संख्या कम दर्शाई जाने लगी है। इसका मतलब यह नहीं है कि कोई विद्यालय बंद किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार ने शिक्षकों के सम्मान को लौटाने का काम देश की धरती पर किया है। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था तहस-नहस की थी, हमने उसे उसे वापस व्यवस्था को सुधारने का काम किया है।
मंत्री परमार ने दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि वह यह बताएं कि उनके शासनकाल में 10 वर्षों में स्कूलों की मरम्मत के लिए कितनी राशि आवंटित की गई थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में स्कूलों के भवन निर्माण के लिए कितनी राशि दी थी, क्योंकि जो यह राशि दी गई थी, वह भारत सरकार द्वारा आवंटित की गई थी।
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